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देशद्रोह का नेटवर्क: ₹500 के लालच में देश से दगा करने वाली शिक्षिका सोनम की सहेली पूजा भी गिरफ्तार

हरिद्वार:

चंद रुपयों के लालच में देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। जम्मू पुलिस द्वारा हरिद्वार की शिक्षिका सोनम की गिरफ्तारी के बाद, अब इस टेरर फंडिंग और अवैध ट्रांजैक्शन नेटवर्क में शामिल उसकी करीबी दोस्त पूजा को भी सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।

​जांच एजेंसियों का अनुमान है कि मात्र 500 रुपये के कमीशन के लिए देश का सौदा करने वाले इन आरोपियों का जाल बेहद गहरा है, जिस पर पुलिस जल्द ही बड़ा शिकंजा कसने की तैयारी में है।

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पाकिस्तान से जुड़े हैं तार, करोड़ों के लेन-देन का खुलासा

​हाल ही में हरिद्वार से गिरफ्तार हुई शिक्षिका सोनम पर आरोप है कि वह पाकिस्तान से आने वाली संदिग्ध रकम को भारत के अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करती थी। प्रत्येक 30,000 रुपये के ट्रांजैक्शन पर सोनम को महज 500 रुपये का कमीशन मिलता था। इसी मामूली रकम के लालच में आकर उसने देश विरोधी ताकतों का साथ दिया।

एमएससी की छात्रा पूजा ने कराई थी ‘उमर’ से मुलाकात

​मामले में नया मोड़ तब आया जब पुलिस ने सोनम की सहेली पूजा को गिरफ्तार किया। पुलिस जांच में सामने आया है कि पूजा एमएससी (M.Sc) की छात्रा है और एक कॉलेज में पढ़ाती है। कॉलेज में ही उसकी दोस्ती सोनम से हुई थी। पूजा इस काले कारोबार में पहले से सक्रिय थी और उसने ही सोनम की मुलाकात ‘उमर’ नाम के एक संदिग्ध व्यक्ति से कराई थी, जिसके तार सीधे पाकिस्तान के हैंडलर्स से जुड़े हैं।

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​शुरुआत में इस काम से दूरी बनाने वाली पूजा ने जब देखा कि सोनम अलग-अलग खातों में करोड़ों रुपये ट्रांसफर कर रही है, तो वह भी दोबारा इस नेटवर्क में शामिल हो गई। दोनों सहेलियों ने मिलकर देश के विभिन्न बैंक खातों में करोड़ों रुपयों का संदिग्ध लेन-देन किया।

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टेरर फंडिंग की आशंका, सरगना की तलाश तेज

​सोनम और पूजा की गिरफ्तारी के बाद अब केंद्रीय जांच एजेंसियां और पुलिस इस पूरे सिंडिकेट के मुख्य सरगना की तलाश में जुट गई हैं। इस संवेदनशील मामले के सामने आने के बाद देश की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आशंका जताई जा रही है कि पाकिस्तान से ट्रांसफर किए गए इन करोड़ों रुपयों का इस्तेमाल देश विरोधी गतिविधियों या टेरर फंडिंग (आतंकवादी वित्तपोषण) में होना था। पुलिस का दावा है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े कई और चेहरों से नकाब उतरना तय है।

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