खबर शेयर करें -

पंतनगर। गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय पूर्व छात्र सम्मेलन (एलुमनाई मीट) का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

​भारतीय कृषि का मान बढ़ा रहा पंतनगर

​समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पंतनगर को हरित क्रांति की पावन भूमि और भारतीय कृषि का गौरवशाली केंद्र बताया। उन्होंने कहा:

​”इस संस्थान ने देश को उत्कृष्ट वैज्ञानिक, नीति-निर्माता और कृषि उद्यमी दिए हैं, जिन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में ऐतिहासिक योगदान दिया है।”

 

यह भी पढ़ें -  🚨 हल्द्वानी में प्रशासन का बड़ा एक्शन: फायर एनओसी के बिना संचालित 5 कोचिंग सेंटर सील

​कृषि मंत्री ने देश की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत आज लगभग 377 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन कर रहा है। बासमती चावल और गेहूं की मांग वैश्विक बाजार में लगातार बढ़ रही है। उन्होंने छात्रों से संवाद करते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए हर व्यक्ति को अपने जन्मदिन पर एक पौधा लगाने का संकल्प दिलाया।

​आधुनिक तकनीक और पर्वतीय कृषि पर जोर

​मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के विकास में पूर्व छात्रों (एलुमनाई) के अनुभव और विशेषज्ञता का लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा और उद्योग के बीच एक मजबूत सेतु बनाने की आवश्यकता है।

यह भी पढ़ें -  सरकार का बड़ा फैसला: बल्क LPG की सप्लाई बहाल, पेट्रोकेमिकल सेक्टर को मिलेगी रफ्तार

​मुख्यमंत्री ने भविष्य की कृषि के लिए निम्नलिखित महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने को कहा:

  • डिजिटल कृषि: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), ड्रोन तकनीक और डेटा एनालिटिक्स का उपयोग।
  • पर्वतीय कृषि: पहाड़ों में कृषि की चुनौतियों से निपटने के लिए आधुनिक तकनीक।
  • संवर्धन: जैविक एवं प्राकृतिक खेती, कृषि प्रसंस्करण और डिजिटल मार्केटिंग को बढ़ावा देना।

​धान की रोपाई और पौधरोपण

​कार्यक्रम से पूर्व केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के संग्रहालय और स्वयं सहायता समूहों के स्टॉलों का अवलोकन किया। दोनों नेताओं ने युवाओं से सीधा संवाद किया, परिसर में पौधरोपण किया और खुद खेत में उतरकर धान की रोपाई भी की।

यह भी पढ़ें -  🚨 कर्णप्रयाग विवाद के 10 दिन बाद बढ़ी हलचल: खुफिया निगरानी और प्रशासनिक रणनीति पर उठे सवाल, सोता रहा उत्तराखंड ख़ुफ़िया विभाग

​पंतनगर को ‘हेरिटेज यूनिवर्सिटी’ बनाने की मांग

​कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि राज्य गठन के बाद कृषि भूमि घटने के बावजूद कृषि उत्पादन में लगभग तीन लाख टन की वृद्धि हुई है। उन्होंने केंद्र सरकार से पंतनगर विश्वविद्यालय को ‘हेरिटेज विश्वविद्यालय’ घोषित करने का विशेष अनुरोध किया।

​इस गरिमामयी अवसर पर सांसद अजय भट्ट, स्थानीय विधायक, विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस. के. कश्यप सहित देश-विदेश से आए कई गणमान्य पूर्व छात्र, अधिकारी और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad