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उत्तराखंड के ऋषिकेश में सड़क दुर्घटना के दौरान महिला वन अधिकारी लापता हो गई थी. इस घटना में चार लोगों की मौत हो गई थी. अब एसडीआरएफ को सर्चिंग के दौरान चीला बैराज में महिला वन अधिकारी का शव मिला है. 

उत्तराखंड के ऋषिकेश में सोमवार शाम को हुई सड़क दुर्घटना में वन महकमे की महिला अधिकारी आलोकी लापता हो गई थीं. अब सर्चिंग के दौरान उनका शव चीला बैराज से एसडीआरएफ ने बरामद कर लिया है.

आलोकी वन्य जीव प्रतिपालक (SDO चीला) के पद पर चीला में पोस्टेड थीं. वह वन महकमे में काबिल अधिकारी मानी जाती थीं. सोमवार को इंटरसेप्टर वाहन के ट्रायल रन के दौरान सड़क दुर्घटना हो गई थी. इस हादसे में 4 वन कर्मियों की मौत हो गई थी. इनमें चीला रेंजर, एक डिप्टी रेंजर व दो लोग अन्य शामिल थे.

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वाहन में 10 लोग सवार थे, जिनमें 4 की मौके पर ही मौत हो गई थी. वहीं पांच घायलों को एम्स लाया गया था. घायलों में 3 को डिस्चार्ज कर दिया था, जबकि अन्य की हालत नाजुक बनी हुई है. इनमें एक पशु चिकित्सक डॉ. राकेश नौटियाल भी शामिल हैं.

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इस घटना के बाद से आलोकी लापता थीं. अनुमान लगाया जा रहा था कि घटना के समय वह गाड़ी से छिटककर नहर में गिर गईं होंगी. इस घटना के बाद आलोकी की तलाश शुरू की गई. एसडीआरएफ की टीम सर्च अभियान चला रही थी.

एसडीआरएफ टीम ने लक्ष्मण झूला पुलिस के सुपुर्द किया शव

SDRF इंस्पेक्टर कवींद्र सजवाण के मुताबिक, टीम को महिला वन अफसर का शव आज सुबह मिला है. इस दौरान टीम ने राफ्ट डालकर डीप डाइविंग की और शव को बाहर निकाल लिया. टीम ने शव को लक्ष्मण झूला पुलिस के सुपुर्द कर दिया है.

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चार दिन से रोककर रखा गया था चीला शक्ति नहर का पानी

बता दें कि चीला शक्ति नहर के पानी को पिछले 4 दिन से रोककर रखा गया था, जिससे कि शव कहीं बहकर दूर न चला जाए. महिला अधिकारी आलोकी श्रीनगर गढ़वाल की रहने वाली थीं. दो वर्ष पहले उनकी शादी हुई थी. उनके पति का दिल्ली में क्लीनिक है.

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