हल्द्वानी। उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार के कार्यकाल के सफल चार वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश भर में जनसभाओं के माध्यम से अपनी ताकत झोंकना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में कुमाऊं के प्रवेश द्वार हल्द्वानी में आगामी 21 मार्च को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे।
चुनावी मोड में भाजपा: 2027 की तैयारी
23 मार्च को सरकार के चार साल पूरे हो रहे हैं। हरिद्वार में गृह मंत्री अमित शाह की सफल रैली के बाद अब संगठन का पूरा ध्यान हल्द्वानी की सभा पर है। इसे 2027 के विधानसभा चुनाव के शंखनाद के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी ने हल्द्वानी के मोतीराम बाबू राम (MB) इंटर कॉलेज मैदान में होने वाली इस रैली के लिए 50 हजार की भीड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है।
दावेदारों का ‘शक्ति परीक्षण’
इस जनसभा की कमान प्रदेश महामंत्री तरुण बंसल को सौंपी गई है। संगठन ने 15 विधानसभा क्षेत्रों के विधायकों, दायित्वधारियों और आगामी चुनाव के टिकटार्थियों को भीड़ जुटाने की जिम्मेदारी दी है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री धामी और केंद्रीय नेतृत्व की नजर इन दावेदारों के प्रदर्शन पर रहेगी, जिसे आगामी चुनाव में टिकट वितरण का आधार भी माना जा सकता है।
रिकॉर्डधारी बने मुख्यमंत्री धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश की राजनीति में नया इतिहास रचा है। नारायण दत्त तिवारी के बाद वह उत्तराखंड के सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाले मुख्यमंत्री बन गए हैं। विधानसभा चुनाव हारने के बावजूद दोबारा सत्ता में वापसी कर और ‘मिथक’ तोड़कर उन्होंने अपनी कुशल कार्यशैली को साबित किया है।
रक्षा मंत्री का मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 21 मार्च को सबसे पहले बरेली पहुंचेंगे। वहां से वह नैनीताल स्थित घोड़ाखाल सैनिक स्कूल के कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। दोपहर करीब 1:30 बजे से 3:15 बजे तक वह हल्द्वानी की विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे, जिसके बाद वह पुनः बरेली के लिए प्रस्थान कर जाएंगे।
रणनीति: सर्वे और नए चेहरे
सूत्रों के अनुसार, भाजपा आलाकमान ने सभी विधानसभा सीटों पर सर्वे शुरू कर दिया है। सरकार की उपलब्धियों को घर-घर पहुंचाने के लिए हल्द्वानी के बाद श्रीनगर, उत्तरकाशी, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ में भी बड़े कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। चर्चा है कि बेहतर प्रदर्शन न करने वाले कुछ मौजूदा विधायकों के टिकट कट सकते हैं और नए चेहरों को मौका दिया जा सकता है।


