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श्रद्धा वालकर हत्या मामले में आरोपी आफताब का पॉलीग्राफी टेस्ट किया गया. इस दौरान उसने अधिकारियों के सवालों पर घूमा-घूमाकर जवाब दिया. फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी(FSL) टीम के सूत्रों के मुताबिक आफताब की बॉडी लैंग्वेज को देखकर ऐसा प्रतीत नहीं हो रहा कि उसने इतने जघन्य वारदात को अंजाम दिया है. उसके जवाबों से लगता है कि उसे अपने किए पर जरा भी पछतावा नहीं है. पॉलीग्राफी टेस्ट की शुरुआत में आरोपी आफताब सवालों का जवाब देने में जल्दबाजी कर रहा था, लेकिन जैसे ही श्रद्धा से जुड़े गहरे राज पूछे गए, फीवर होने की बात कहकर वो सवालों के जवाब देने से बचने लगा. पूछताछ के दौरान आफताब ने कहा कि मुझे बुखार है.

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इसी दौरान उसने एफएसएल की टीम को बताया कि जब वो सब कुछ बता चुका है तो फिर पुलिस उसे वहां लेकर क्यों आई है. पॉलीग्राफी टेस्ट में आफताब ने बताया कि उसे क्राइम, थ्रिलर बेस्ड मूवी देखना बेहद पसंद है. आफताब ने पूछताछ में FSL अधिकारियों से सिगरेट की भी मांग की. आफताब का पॉलीग्राफी टेस्ट रोहिणी में चल रहा है.

सोमवार को हो सकता है नार्को टेस्ट

फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) के अधिकारियों के मुताबिक बुधवार को आफताब का टेस्ट नहीं हो पाया था क्योंकि उसे बुखार था. आंबेडकर अस्पताल के सूत्रों की मानें तो आफताब का पॉलीग्राफी टेस्ट पूरा हो जाने के बाद उसका मेडिकल टेस्ट भी होगा, जिसका रिजल्ट दो दिनों में आ सकता है. मेडिकल रिपोर्ट के आ जाने के बाद ही आफताब का नार्को टेस्ट किया जा सकता है. संभावना जताई जा रही है कि सोमवार को आफताब का नार्को टेस्ट किया जा सकता है.

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पॉलीग्राफी टेस्ट में ब्लड शुगर, नसें और सांस के चलने की गति के हिसाब से बॉडी एक्टिविटी को रिकॉर्ड किया जाता है और पता लगाया जाता है कि व्यक्ति सवाल के जवाब सही दे रहा है या नहीं. वहीं, नार्को टेस्ट में शख्स की अपनी चेतना को एक दम कम कर दिया जाता है, जिससे वो खुलकर अपने अंदर की बातों को बता सके.

6 महीने पहले की थी हत्या

आफताब ने मई के महीने में अपनी गर्लफ्रेंड श्रद्धा वालकर की कथित तौर पर गला घोंटकर हत्या कर दी थी. इसके बाद उसने शव को 35 टुकड़ों में काट डाला और एक-एक कर उन्हें जंगल में फेंकता रहा. आफताब ने शव के इन टुकड़ों को एक फ्रिज में रखा था ताकि उन्हें समय समय पर शहर के अलग-अलग हिस्सों में ठिकाने लगा सके.

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हत्या के इस मामले में दिल्ली पुलिस ने आफताब के फ्लैट से 5 चाकू बरामद किए हैं, जबकी शव को काटने के लिए इस्तेमाल में लाई गई आरी अभी भी बरामद नहीं हुई है. पुलिस चाकुओं की जांच कर रही है जिससे पता चल सके कि हत्या में इनका इस्तेमाल किया गया था या नहीं.