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नैनीताल। उत्तराखंड शासन के मुख्य सचिव से मिले निर्देशों के अनुपालन में नैनीताल के जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बड़ा कदम उठाया है। जिले में ईंधन की बचत, ऊर्जा संरक्षण और सरकारी संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए सभी विभागों, अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सख्त गाइडलाइन जारी की गई है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इन नियमों के उल्लंघन को अत्यंत गंभीरता से लिया जाएगा और संबंधित के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

​प्रशासन द्वारा जारी किए गए मुख्य निर्देश इस प्रकार हैं:

​1. प्रत्येक शनिवार को ‘नो व्हीकल डे’ का पालन अनिवार्य

  • सार्वजनिक परिवहन का उपयोग: जनपद के सभी अधिकारी और कर्मचारी प्रत्येक शनिवार को कार्यालय आने-जाने के लिए अनिवार्य रूप से केवल सार्वजनिक परिवहन (पब्लिक ट्रांसपोर्ट) का ही प्रयोग करेंगे।
  • निजी आवास से सरकारी वाहन पर रोक: कोई भी अधिकारी अपने निजी आवास से दफ्तर आने-जाने के लिए सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा। सरकारी वाहन का प्रयोग केवल सरकारी आवास से कार्यालय तक या बेहद जरूरी शासकीय कार्यों के लिए ही अनुमन्य होगा।
  • एक अधिकारी, एक वाहन: प्रत्येक अधिकारी को केवल एक ही सरकारी वाहन आवंटित किया जाएगा, जिसका उपयोग सिर्फ अति-आवश्यक राजकीय कार्यों में ही होगा।
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​2. कार पूलिंग और ई-वाहनों को प्राथमिकता

  • ​जिन अधिकारियों या कर्मचारियों के पास इलेक्ट्रिक वाहन (E-Vehicles) उपलब्ध हैं, वे कार्यालय आवागमन के लिए प्राथमिकता के आधार पर उन्हीं का उपयोग करेंगे।
  • ​एक ही दिशा या निकटवर्ती क्षेत्रों से आने वाले कर्मचारी आपसी समन्वय स्थापित कर ‘कार पूल’ व्यवस्था को अपनाएंगे, ताकि सड़कों पर वाहनों का दबाव और ईंधन की खपत कम हो सके।
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​3. वर्चुअल बैठकों को बढ़ावा और एसी (A.C.) के तापमान पर नियंत्रण

    • ​कार्यालय से जुड़े शासकीय कार्यों और बैठकों के लिए यथासंभव वर्चुअल मीटिंग्स (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) को प्राथमिकता दी जाएगी।
    • ​ऊर्जा संरक्षण (बिजली बचत) के उद्देश्य से सभी सरकारी दफ्तरों में एयर कंडीशनर (AC) का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, एसी के अनावश्यक प्रयोग को हतोत्साहित करने को कहा गया है।
    • ​कार्यालयों में फिजूलखर्ची रोकने के लिए अनावश्यक रोशनी और सजावटी लाइटिंग पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा।

जिलाधिकारी की अपील और चेतावनी:

“यह कदम जनहित, पर्यावरण संरक्षण और सरकारी संसाधनों की बचत के लिए उठाया गया है। सभी विभागाध्यक्ष अपने-अपने कार्यालयों में इन आदेशों को तत्काल प्रभाव से लागू कराएं। नियमों के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

 

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​सभी कर्मचारियों से यह भी अपील की गई है कि वे कार्बन उत्सर्जन को कम करने और पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए अपने निजी जीवन में भी अनावश्यक वाहनों के प्रयोग से बचें।

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