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एसटीएफ के एसएसपी आयुष अग्रवाल ने बताया कि उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की स्नातक स्तरीय परीक्षा के पेपर लीक मामले में 40 से अधिक आरोपी नामजद हैं।

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) की स्नातक स्तरीय परीक्षा के पेपर लीक का मुख्य आरोपी आरएमएस टेक्नो सॉल्यूशन का सुपरवाइजर विपिन बिहारी एक करोड़ की संपत्ति का मालिक है।

एसटीएफ के आकलन में यह खुलासा हुआ है। अब इसकी संपत्ति भी जब्त की जाएगी। बता दें कि अब तक सात आरोपियों की संपत्ति जब्त करने लिए डीएम को रिपोर्ट भेजी जा चुकी है।

एसटीएफ के एसएसपी आयुष अग्रवाल ने बताया कि उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की स्नातक स्तरीय परीक्षा के पेपर लीक मामले में 40 से अधिक आरोपी नामजद हैं। गिरोह के 24 सदस्यों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की जा रही है।

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उनकी चल-अचल संपत्तियों का आकलन कर उन्हें कुर्क किया जा रहा है। अभी तक नौकरियों के सौदागर हाकम सिंह, अंकित रमोला, चंदन मनराल, जयजीत दास, मनोज जोशी, दीपक शर्मा और केंद्रपाल की संपत्तियों का आकलन कर जब्तीकरण के लिए रिपोर्ट डीएम को भेजी जा चुकी है।

इनमें से चंदन मनराल, हाकम सिंह, अंकित रमोला और जयजीत दास की संपत्ति कुर्क हो चुकी है। अन्य के खिलाफ कार्रवाई चल रही है। उन्होंने बताया कि एसटीएफ ने इस गिरोह के एक अन्य सदस्य विपिन बिहारी की भी संपत्ति का भी आकलन पूरा कर लिया है। इसकी रिपोर्ट तैयार कर डीएम देहरादून को भेजी गई है। उसकी चल-अचल संपत्ति करीब एक करोड़ रुपये की है। अनुमति मिलते ही जब्तीकरण की कार्रवाई होगी।

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दरोगा और वीडीओ परीक्षा धांधली में भी भूमिका

सुद्धोवाला जिला जेल में बंद विपिन बिहारी परीक्षाएं कराने वाली आरएमएस टेक्नो सॉल्यूशन कंपनी में सुपरवाइजर था। उसने विभिन्न परीक्षाओं के पेपर लीक कराने में मुख्य भूमिका निभाई थी। इसके अलावा वर्ष 2015-2016 की दरोगा भर्ती और वीडीओ परीक्षा में ओएमआर शीट में हेराफेरी करने में भी संलिप्त था।

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हाईवे पर और शहर में खरीदे प्लॉट

एसएसपी ने बताया कि उसके परिजनों के नाम से लखनऊ-सीतापुर हाईवे से लगी हुई 23 बीघा जमीन है। इसका बाजार मूल्य करीब 65 लाख रुपये है। 650 वर्ग फीट का एक प्लॉट लखनऊ शहर में और एक प्लॉट भी है। इसके अलावा विभिन्न बैंक खातों में लगभग चार लाख रुपये जमा हैं। जांच में पता चला कि उसने यह संपत्ति वर्ष 2015-2016 के बाद जोड़ी है।

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