नैनीताल। हल्द्वानी-नैनीताल राष्ट्रीय राजमार्ग पर नयना गाँव के समीप स्थित एक प्रसिद्ध ‘पहाड़ी मटन-चावल’ दुकान इन दिनों राज्य कर विभाग (जीएसटी) के राडार पर है। इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के बाद हरकत में आए कर विभाग ने जब दुकान की वित्तीय स्थिति की जांच की, तो एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ। बेहद साधारण दिखने वाली इस दुकान का सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये से अधिक पाया गया है।
हैरानी की बात यह है कि इतना भारी-भरकम कारोबार होने के बावजूद दुकान के स्वामी चंदन सिंह ने अब तक वस्तु एवं सेवा कर (GST) के तहत अपना पंजीकरण नहीं कराया था।
सोशल मीडिया के जरिए खुली पोल
दरअसल, पिछले दिनों सोशल मीडिया पर इस दुकान का एक वीडियो तेजी से प्रसारित हुआ था। वीडियो में दावा किया गया था कि यहाँ प्रतिदिन भारी मात्रा में चावल के साथ लगभग तीन बकरों के मांस की बिक्री होती है। पर्यटकों, स्थानीय निवासियों और सरकारी कर्मचारियों के बीच बेहद लोकप्रिय होने के कारण यहाँ सुबह से शाम तक ग्राहकों का ताँता लगा रहता है। मामला संज्ञान में आते ही राज्य कर विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर प्रकाश त्रिवेदी के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने मौके पर पहुँचकर औचक निरीक्षण किया।
विभाग की सख्त चेतावनी
असिस्टेंट कमिश्नर प्रकाश त्रिवेदी ने बताया कि दुकान का वार्षिक टर्नओवर निर्धारित सीमा से कहीं ज्यादा है, लेकिन पंजीकरण न होने के कारण नियमानुसार देय 5 प्रतिशत बिक्री कर की चोरी हो रही थी। विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए दुकान संचालक को 12 जून तक अनिवार्य रूप से जीएसटी पंजीकरण कराने की अंतिम मोहलत दी है।
विभाग का सख्त रुख: यदि तय समय सीमा के भीतर पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई, तो जीएसटी अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत दुकान स्वामी के खिलाफ दंडात्मक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, विभागीय दबाव के बाद दुकान स्वामी ने दो से चार दिनों के भीतर औचक कर पंजीकरण कराने का आश्वासन दिया है। इस जांच टीम में असिस्टेंट कमिश्नर के साथ शैलेंद्र आगरी, मोहित चौहान और कैलाश जोशी जैसे वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे।


