हल्द्वानी रोडवेज स्टेशन पर डग्गामार वाहनों पर रोक लगाने में प्रशासन नाकाम नजर आ रहा है। बाहरी राज्यों की निजी बसें यहां बेधड़क यात्रियों को बैठा रही हैं। इन बसों के लिए काम करने वाले दलाल रोडवेज के यात्रियों को जबरन निजी बसों में बैठाने का खेल खेल रहे हैं।
मंगलवार को हल्द्वानी डिपो की शिकायत पर परिवहन विभाग की टीम ने राजस्थान नंबर की एक बस को सीज कर दिया। इस बस में 15 यात्री सवार थे, जिन्हें परिवहन निगम की वॉल्वो बस से भेजा गया।
कैसे पकड़ी गई डग्गामार बस?
स्टेशन के मुख्य गेट पर खड़ी इस बस में 300 रुपये प्रति यात्री की आवाज लगाकर सवारियां भरी जा रही थीं। जैसे ही यह सूचना हल्द्वानी डिपो की संचालन प्रभारी इंदिरा भट्ट को मिली, उन्होंने बस चालक को बस को रोडवेज स्टेशन परिसर में लाने को कहा।
इसके बाद परिवहन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और बस को जब्त कर लिया।
मनमानी करने वालों पर सख्ती, ₹25,000 का चालान
परिवहन विभाग ने बस को सीज कर कोर्ट में ₹25,000 का चालान भेजा। एआरटीओ प्रवर्तन जितेंद्र सिंह ने बताया कि इस बस पर पहले भी चालान हो चुका था, लेकिन संचालक मनमानी करने से बाज नहीं आ रहे थे। इससे पहले ग्रीन सेल कंपनी की दो बसों का चालान भी किया गया था।
बाहरी राज्यों की बसों को पंजीकरण कराना जरूरी
परिवहन विभाग के अनुसार, बाहरी राज्यों की निजी बसों को उत्तराखंड में संचालन के लिए पंजीकरण कराना जरूरी है। बिना रजिस्ट्रेशन चलने वाली बसों पर कार्रवाई जारी रहेगी।
क्या प्रशासन डग्गामार बसों पर पूरी तरह लगाम लगा पाएगा? यह बड़ा सवाल बना हुआ है।


