हल्द्वानी: नैनीताल नैनीझील अपनी खूबसूरती के लिए पूरे विश्व में जानी जाती है. नैनीताल झील की खूबसूरती को देखने के लिए लाखों पर्यटक पहुंचते हैं और यहां नौकायन कर झील की खूबसूरती का आनंद लेते हैं. सिंचाई विभाग ने बीते दिनों नैनीझील का जलस्तर कम होने को लेकर चलाई गई खबरों को भ्रामक बताया है. साथ ही सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता संजय शुक्ला का कहना है कि नैनीताल झील की गहराई 89 फीट है. लेकिन झील का पानी का लेवल नापने के लिए 12 फीट का गेज लगाया गया है. जो नैनीझील के पानी डिस्चार्ज की लेवल का आकलन करता है, जो पुरानी विधि से नापा जाता है.
मुख्य अभियंता सिंचाई विभाग संजय शुक्ला का कहना है कि सिंचाई विभाग अब झीलों का पानी नापने वाले गेज में परिवर्तन करने जा रहा है. जिससे नैनीताल झील में पानी की वास्तविक गहराई लोगों को पता चल सके. पूर्व में जो स्केल निर्धारित किया गया था. वर्तमान में झील में उपलब्ध पानी की मात्रा का सही आकलन नहीं हो पा रहा है. नैनीताल झील का जलस्तर गिरने की आए दिन मीडिया में नकारात्मक खबरें प्रकाशित होती रहती हैं. पूर्व में तल्लीताल स्थित बांट के समीप माल रोड के लेवल को 12 फीट का लेवल मानक मानते हुए झील के जलस्तर का मापन किया जाता था.
इस स्केल के अनुसार झील का जलस्तर माल रोड़ से गर्मियों के समय में 12 फीट नीचे आ जाने पर झील का लेवल शून्य दर्शाया जाता है, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि झील का जलस्तर शून्य हो गया है व झील पूरी तरह सूख चुकी है. जबकि झील की वास्तविक गहराई माल रोड के लेबल से 89 फीट नीचे है और गेज के अनुसार पानी शून्य होने पर झील के अंदर 77 फीट पानी बचा रहता है. सिंचाई विभाग के अनुसार विभाग जल्द नया गेज लगाने जा रहा है. जिससे झील के पानी की वास्तविक गहराई की जानकारी लोगों तक पहुंच सकेगी. संजय शुक्ला ने बताया कि माल रोड से नैनीताल झील कि कुल गहराई 89 फीट है. जबकि बारिश कम होने के चलते 8 फीट ही झील का पानी कम हुआ है. ऐसे में वर्तमान समय में नैनीताल झील में अभी भी 81 फीट पानी मौजूद है.


