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देहरादून से महिला द्वारा लोन की किस्त ना चुकाने पर डीएम द्वारा एक्शन लेते हुए बैंक को बंद कराने का मामला सामने आया है। बैंक पर हुए एक्शन के बाद देहरादून की डीसीबी बैंक ने प्रशासन की सख्ती के चलते शुक्रवार को लोन के निस्तारण के लिए भटक रही विधवा महिला के घर जाकर ऋण को शून्य कर दिया है।

इसके बाद प्रशासन ने बैंक खोलने की अनुमति दे दी है। डीएम सविन बंसल के आदेश पर बुधवार को बैंक शाखा पर कुर्की की कार्रवाई करते हुए उसे सील करा दिया गया था।

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अमर भारती चंद्रबनी निवासी शिवानी गुप्ता ने डीएम से क्रॉस रोड मॉल के पास स्थित डीसीबी की शाखा की शिकायत की थी। शाखा से उनके पति रोहित गुप्ता ने 15.50 लाख रुपये का लोन लिया था। 15 मई 2024 को पति की मृत्यु के बाद महिला लोन की किस्त नहीं चुका पा रही थी। बैंक लगातार दबाव बना रहा था, जबकि लोन का आईसीआईसीआई लोम्बार्ड से बीमा कवर था।

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डीएम ने बैंक प्रबंधक को तलब कर हुए प्रकरण निस्तारित करने के निर्देश दिए थे। बैंक ने ऐसा नहीं किया। इस पर तहसील सदर के जरिए बैंक प्रबंधक को 17.5 लाख रुपये की आरसी जारी की गई। यह रकम बैंक प्रबंधक को 16 जून तक राजस्व में जमा करानी थी, पर ऐसा नहीं हुआ।

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बुधवार को डीएम के आदेश पर नायब तहसीलदार जितेंद्र सिंह ने राजस्व विभाग की टीम और डीसीबी के शाखा प्रबंधक व कर्मियों की मौजूदगी में बैंक की चल संपत्तियों की कुर्की करते हुए शाखा सील कर दी। इस कार्रवाई के बाद शुक्रवार को डीसीबी बैंक ने फरियादी की सम्पति के कागज उनके घर जाकर वापस लौटाए। 15.50 लाख ऋण माफ करते हुए नो ड्यूज का सर्टिफिकेट भी जारी किया।

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