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बस में चोरी करने वाले शातिरों ने चोरी का नया तरीका इजात कर लिया है। सवारी बनकर बस में चढ़े शातिरों ने पहले तो बंदी रक्षक के परिवार से झगड़ा किया और फिर उन्हीं के बैग से लाखों रुपये के जेवर और हजारों की नगदी लेकर फरार हो गए। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। 

जेल कैंपस हल्द्वानी में रहने वाले रंजीत पुत्र श्याम लाल ने पुलिस को बताया कि वह हल्द्वानी उपकारागार में बंदी रक्षक है। बीती 27 दिसंबर को वह पत्नी जुसुईया, 6 माह के बेटे मितांश और साले सुखविंदर के साथ बाजपुर जा रहा था। रंजीत सभी के साथ प्राइवेट बाजपुर बस स्टैंड से बस संख्या यूके 04पीए 0136 में सवार हुआ। रंजीत के पास एक ट्रॉली बैग था।

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बैग के अंदर एक छोटा बैग और था, जिसमें सोने की चेन, अंगूठी, तिबजिया, कुंडल, हार, चांदी की पायल, कूला, बिछुवा, खडूवे, बच्चे की माला और 40 हजार रुपये की नगदी थी। बस हल्द्वानी से चली तो पीछे वाली सीट पर बैठकर कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने साले सुखविंदर को सीट से उठा दिया और उससे बदसलूकी की।

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उक्त लोग कालाढूंगी में उतर गए। रंजीत भगत सिंह चौक बाजपुर में उतरे तो पत्नी जुसुईया ने बताया कि ट्रॉली बैग की चैन खुली हुई है। चेक किया तो नगदी और जेवर का बैग चोरी हो चुका था। पूछताछ करने पर बस में सवार लोगों ने बताया कि जो लोग कालाढूंगी में उतरे वह बैग से छेड़छाड़ कर रहे थे। रंजीत ने बाजपुर थाने में तहरीर दी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।