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हल्द्वानी, उत्तराखंड।

​हल्द्वानी तहसील क्षेत्र में पिछले पाँच वर्षों के दौरान बनाए गए स्थाई निवास और जाति प्रमाण पत्रों की जाँच में अब तेज़ी आ गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा डेमोग्राफिक चेंज के मामले के संज्ञान में आने के बाद सभी जिलों में पिछले पाँच सालों के प्रमाण पत्रों की गहनता से जाँच के निर्देश दिए गए थे।

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​इसी क्रम में, हल्द्वानी परगना क्षेत्र में गठित जाँच समिति ने प्रारंभिक जाँच में ही बड़ी कार्रवाई की है।

​📄 89 प्रमाण पत्र अपूर्ण और संदिग्ध पाए गए

​जाँच समिति ने अब तक 2000 से अधिक प्रमाण पत्रों की जाँच की, जिसमें से 89 प्रमाण पत्रों को अपूर्ण और संदिग्ध मानते हुए उन्हें तत्काल निरस्त कर दिया गया है। इन निरस्त किए गए प्रमाण पत्रों में बड़ी संख्या में निवास प्रमाण पत्र और कुछ जाति प्रमाण पत्र शामिल हैं।

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​🔎 गहन जाँच का दायरा बढ़ा

​जाँच समिति द्वारा प्रमाण पत्रों की गहनता से जाँच अभी भी जारी है। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई प्रमाण पत्रों की विश्वसनीयता और वैधता सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है। निरस्त किए गए प्रमाण पत्रों के मामलों में विस्तृत जाँच की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी अनियमितताओं को रोका जा सके।

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​यह कार्रवाई राज्य सरकार की ओर से प्रमाण पत्रों के दुरुपयोग और डेमोग्राफिक बदलाव के प्रभावों को रोकने के प्रयासों का एक हिस्सा है।

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