लालकुआं।
बिंदुखत्ता क्षेत्र में अवैध रूप से सरकारी राशन का लाभ ले रहे लोगों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। सरकारी खाद्यान्न योजनाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए चलाए जा रहे सत्यापन अभियान में लगातार बड़े खुलासे हो रहे हैं। अभियान के शुरुआती तीन दिनों के भीतर ही 1,237 राशन कार्डों की जांच की जा चुकी है, जिसमें से 114 कार्डधारक अपात्र पाए गए हैं। इतनी बड़ी संख्या में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद प्रशासन ने अब इस अभियान को और तेज कर दिया है।
उपजिलाधिकारी (न्यायिक) एवं नोडल अधिकारी रेखा कोहली के निर्देश पर गठित चार प्रशासनिक टीमें लगातार घर-घर जाकर राशन कार्डों की सत्यता परख रही हैं। बुधवार को तिवारी नगर, शास्त्री नगर, हथीखाना, बजरी कंपनी और बंगाली कॉलोनी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। दिनभर चली इस कार्रवाई में 736 राशन कार्डों का भौतिक सत्यापन किया गया, जिसमें 74 कार्ड पूरी तरह अपात्र मिले। इन अपात्र कार्डों में 65 प्राथमिक परिवार (पीएचएच-सफेद), 3 राज्य खाद्य योजना (पीले) तथा 6 अंत्योदय राशन कार्ड शामिल हैं। इन सभी मामलों में विभाग ने निरस्तीकरण और दंडात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
संपन्न लोग भी ले रहे थे गरीबों के हक का राशन
जांच के दौरान कई चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं। कई ऐसे परिवार सरकारी सस्ते गल्ले का लाभ उठा रहे थे, जिनके सदस्य निजी कंपनियों, औद्योगिक इकाइयों, बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों या अन्य अच्छे आय स्रोतों से जुड़े हैं। इसके बावजूद ये लोग लंबे समय से गरीबों के हक के खाद्यान्न पर डाका डाल रहे थे। अधिकारियों ने साफ किया है कि सत्यापन प्रक्रिया पूरी होते ही इन सभी अपात्र कार्डों को निरस्त कर दिया जाएगा और नियमानुसार वसूली व अन्य विधिक कार्रवाई की जाएगी।
स्वेच्छा से कार्ड सरेंडर कर रहे लोग
क्षेत्रीय खाद्य पूर्ति निरीक्षक मोहित कठायत ने बताया कि राशन विक्रेताओं के माध्यम से मिल रही सूचनाओं के बाद अब कई संपन्न परिवार डर और लोक-लाज के कारण स्वेच्छा से अपने सफेद और पीले राशन कार्ड विभाग को सौंप रहे हैं। उन्होंने अपील की है कि जो भी परिवार सरकार द्वारा निर्धारित पात्रता मानकों में नहीं आते हैं, वे खुद ही अपने कार्ड जमा करा दें, अन्यथा पकड़े जाने पर उन्हें गंभीर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
आंकड़ों पर एक नजर
वर्तमान में बिंदुखत्ता क्षेत्र में कुल राशन कार्डों की स्थिति इस प्रकार है:
- सफेद राशन कार्ड (PHH): 9,645
- पीले राशन कार्ड (SFY): 5,439
- अंत्योदय राशन कार्ड: 211
प्रशासन इन सभी कार्डों का चरणबद्ध तरीके से शत-प्रतिशत सत्यापन कर रहा है। अधिकारियों का मानना है कि अपात्रों के हटने से वास्तविक जरूरतमंद और गरीब परिवारों को उनका पूरा हक मिल सकेगा। इसलिए इस पूरे अभियान में पारदर्शिता और सख्ती बरती जा रही है।
एक महीने तक जारी रहेगा अभियान
उपजिलाधिकारी रेखा कोहली ने स्पष्ट किया कि यह सत्यापन अभियान आगामी एक महीने तक निरंतर जारी रहेगा। इसके लिए मुस्तैद की गई चारों टीमें रोजाना अलग-अलग क्षेत्रों में औचक निरीक्षण करेंगी। अभियान की समाप्ति पर अपात्र पाए गए कार्डों की पूरी रिपोर्ट जिला पूर्ति अधिकारी को सौंपकर आगे की कानूनी रूपरेखा तय की जाएगी।
फोटो कैप्शन: तिवारी नगर, शास्त्री नगर, हथीखाना, बजरी कंपनी और बंगाली कॉलोनी में राशन कार्डों का घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन करती प्रशासनिक टीम।


