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लालकुआं राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर बसा लालकुआं नगर इन दिनों भीषण अतिक्रमण और अव्यवस्थित पार्किंग की समस्या से जूझ रहा है। नगर के मुख्य बाजार क्षेत्र में फुटपाथ का अस्तित्व पहले ही समाप्त हो चुका है, जिसके कारण पैदल यात्रियों को अपनी जान जोखिम में डालकर मुख्य सड़क पर चलने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

​व्यापारिक प्रतिष्ठानों द्वारा अपनी दुकानों का सामान सड़क तक फैला दिए जाने से स्थिति अत्यंत विकट हो गई है। हाट बाजार से लेकर ट्रांसपोर्ट नगर तक लगभग एक किलोमीटर लंबे इस व्यावसायिक क्षेत्र में दुकानदारों के बीच सड़क पर अधिक से अधिक सामान सजाने की होड़ मची हुई है। कई स्थानों पर अस्थायी स्टैंड, रैक और काउंटर लगाकर राष्ट्रीय राजमार्ग के एक बड़े हिस्से पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है।

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​पार्किंग के अभाव में रेंग रहा ट्रैफिक

नगर में सुव्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था न होने के कारण ग्राहकों और स्थानीय लोगों के वाहन भी सड़कों के किनारे बेतरतीब ढंग से खड़े रहते हैं। इसके परिणामस्वरूप, चार लेन (फोर-लेन) का यह राष्ट्रीय राजमार्ग कई जगहों पर सिमटकर महज दो लेन का रह गया है। सड़कों के इस संकुचन के कारण क्षेत्र में दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है।

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​दुर्घटनाओं का बढ़ा ग्राफ़

स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस कुप्रबंधन का सबसे खमियाजा बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। फुटपाथ न होने के कारण उन्हें तेज रफ्तार वाहनों के बीच से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे हर समय किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग बाजार क्षेत्र में खरीदारी के लिए आते हैं, लेकिन प्रशासन की उदासीनता और बढ़ते अतिक्रमण के कारण लालकुआं की यातायात व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। स्थानीय जनता ने प्रशासन से इस गंभीर समस्या पर तत्काल संज्ञान लेते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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