काठगोदाम पुलिस और SOG की संयुक्त टीम को मिली बड़ी सफलता, तस्करों से कार और इलेक्ट्रॉनिक तराजू भी बरामद
हल्द्वानी (अग्रसर भारत न्यूज़): मुख्यमंत्री के “मिशन ड्रग फ्री देवभूमि” अभियान को साकार करते हुए नैनीताल पुलिस ने मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर अब तक का सबसे बड़ा प्रहार किया है। पुलिस ने वर्ष 2026 की इस सबसे बड़ी कार्रवाई में करीब 1.85 करोड़ रुपये मूल्य की 618 ग्राम स्मैक (डाईएसिटाइल मॉर्फिन) बरामद की है। इस काले धंधे में लिप्त दो अंतरराज्यीय तस्करों को भी सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।
गुप्त सूचना पर की गई घेराबंदी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नैनीताल, डॉ. मंजूनाथ टी.सी. के कुशल निर्देशन, एसपी सिटी हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल एवं सीओ हल्द्वानी अमित कुमार के पर्यवेक्षण में यह अभियान चलाया गया। विगत 4 जून 2026 को मुखबिर से प्राप्त पुख्ता सूचना के आधार पर काठगोदाम पुलिस और एसओजी (SOG) की संयुक्त टीम ने काठगोदाम क्षेत्र के पश्चिमी खेड़ा स्थित इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के पास एक निर्माणाधीन भवन के निकट सघन चेकिंग अभियान चलाया।
इस दौरान टीम ने दो संदिग्ध व्यक्तियों को रोककर जब उनकी तलाशी ली, तो उनके पास से 618 ग्राम स्मैक, एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू और तस्करी में प्रयुक्त होने वाली हुंडई औरा कार बरामद हुई।
पकड़े गए तस्करों का आपराधिक इतिहास
पुलिस पूछताछ और जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक, गजब सिंह के खिलाफ राजस्थान में आबकारी अधिनियम और एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत पूर्व में भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, दूसरे आरोपी सीताराम के आपराधिक इतिहास की कुंडली खंगालने में पुलिस जुटी हुई है।
पुलिस टीम को नकद पुरस्कार की घोषणा
इस ऐतिहासिक सफलता और तत्परता की सराहना करते हुए एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली संयुक्त पुलिस टीम को 2,500 रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की है।
वर्ष 2026 में नशे के खिलाफ नैनीताल पुलिस का रिपोर्ट कार्ड
नैनीताल पुलिस द्वारा मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के आंकड़े बेहद प्रभावी रहे हैं:
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विवरण |
आंकड़े |
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कुल दर्ज मामले (स्मैक तस्करी) |
31 |
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कुल गिरफ्तार आरोपी |
35 |
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कुल बरामद स्मैक |
2.18 किलोग्राम से अधिक |
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बरामद स्मैक की अनुमानित कीमत |
₹ 6.54 करोड़ से अधिक |
अधिकारियों का संदेश: पुलिस प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि देवभूमि को पूर्णतः नशामुक्त बनाने के लिए चरस, गांजा, डोडा और नशीले इंजेक्शनों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा रहा है। आने वाले समय में तस्करों के खिलाफ यह अभियान और अधिक कड़ाई के साथ जारी रहेगा।


