हल्द्वानी। उत्तराखंड के हल्द्वानी शहर से एक बेहद दुखद और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) की तैयारी करने आई मध्य प्रदेश की 19 वर्षीय छात्रा का शव उसके पीजी (पेइंग गेस्ट) के कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला। घटनास्थल से मिली छात्रा की डायरी के एक रहस्यमय वाक्य ने इस पूरे मामले को उलझा दिया है, जिसके बाद पुलिस विभिन्न कोणों से तफ्तीश में जुट गई है।
डेमो क्लास के दौरान ही घट गई घटना
मिली जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश के शिवपुरी जनपद (मानीपुरा, कोलारस) की रहने वाली अंजलि जाटव (19) ने हाल ही में हल्द्वानी के एक निजी कोचिंग संस्थान में दाखिला लिया था। वह मुखानी क्षेत्र के खाटू श्याम मंदिर के पास एक पीजी में रह रही थी। अंजलि अभी संस्थान में डेमो कक्षाएं ही ले रही थी और आगामी 29 जून से उसकी नियमित पढ़ाई शुरू होने वाली थी, लेकिन उससे पहले ही यह खौफनाक मोड़ आ गया।
फोन न उठने पर हुआ खुलासा
घटना का खुलासा मंगलवार देर रात हुआ, जब एक युवक ने अंजलि की सहेली को फोन कर बताया कि अंजलि का मोबाइल लगातार बंद आ रहा है और वह कॉल का जवाब नहीं दे रही है। अनहोनी की आशंका होने पर तुरंत पीजी संचालक, स्थानीय पुलिस और परिजनों को सूचित किया गया।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने जब कमरे की जांच की, तो अंजलि दुपट्टे के फंदे से लटकी हुई थी। खिड़की की जाली काटकर उसे नीचे उतारा गया और तुरंत सुशीला तिवारी चिकित्सालय ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
डायरी की इस लाइन से बढ़ा सस्पेंस
पुलिस को मौके से कोई पारंपरिक सुसाइड नोट तो नहीं मिला, लेकिन तलाशी के दौरान अंजलि की एक निजी डायरी बरामद हुई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, डायरी में एक चौंकाने वाली बात लिखी मिली: “एक को छोड़ दिया है, दूसरे को नहीं छोड़ूंगी।” इस एक लाइन ने पूरी घटना को संदिग्ध और पेचीदा बना दिया है। पुलिस अब प्रेम प्रसंग (लव अफेयर) समेत कई अन्य संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर गहराई से जांच कर रही है।
भाई की सफलता देख पिता ने भेजा था हल्द्वानी
मृतका के पिता रघुवीर जाटव ने उम्मीदों के साथ अपनी बेटी को घर से करीब 563 किलोमीटर दूर हल्द्वानी भेजा था। दरअसल, अंजलि के भाई ने भी इसी शहर में रहकर नीट की तैयारी की थी और सफलता हासिल की थी। वह वर्तमान में एम्स भोपाल में मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है। इसी भरोसे के कारण पिता ने बेटी को भी यहाँ भेजा था, लेकिन उन्हें क्या पता था कि यह फैसला उनके परिवार को कभी न भूलने वाला जख्म दे जाएगा।
डिजिटल साक्ष्यों की खंगाल रही पुलिस
पुलिस ने मृतका का मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस टीम छात्रा की सोशल मीडिया एक्टिविटी, कॉल डिटेल्स (CDR) और इंटरनेट सर्च हिस्ट्री की गहनता से पड़ताल कर रही है। साथ ही, आखिरी बार अंजलि से संपर्क करने की कोशिश करने वाले युवक से भी पूछताछ की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो पाएगा। घटना की सूचना पाकर मृतका के परिजन मध्य प्रदेश से हल्द्वानी के लिए रवाना हो गए हैं, जिनके पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।


