खबर शेयर करें -

पूर्व विधायक प्रणव सिंह चैंपियन के परिवार को सरकार की ओर से पांच सुरक्षा गार्ड और निजी वाहन को पायलट कार बनाकर हूटर बजाने की अनुमति दिए जाने के विरुद्ध दायर जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने सुनवाई की। अदालत ने सचिव गृह डीजीपी आइजी सुरक्षा डीएम-एसएसपी हरिद्वार को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब पेश करने को है।

हरिद्वार जिले के खानपुर से पूर्व विधायक प्रणव सिंह चैंपियन के परिवार को सरकार की ओर से पांच सुरक्षा गार्ड और निजी वाहन को पायलट कार बनाकर हूटर बजाने की अनुमति दिए जाने के विरुद्ध दायर जनहित याचिका पर हाई कोर्ट ने सुनवाई की। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति विपिन सांघी व न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ ने सचिव गृह, डीजीपी, आइजी सुरक्षा, डीएम-एसएसपी हरिद्वार को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब पेश करने को है।

यह भी पढ़ें -  🏔️ ओम पर्वत से फिर गायब हुई बर्फ, पवित्र आकृति धुंधली पड़ने से बढ़ी चिंता; पहाड़ों में भू-धंसाव ने भी बढ़ाई मुश्किलें

इस मामले में कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन, देवयानी, कुंवर नरेंद्र सिंह, कुंवर दिव्य प्रताप सिंह को भी नोटिस दिया गया है। अगली सुनवाई आठ दिसंबर को होगी। हरिद्वार निवासी इमरान ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि खानपुर से पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन समेत उनके परिवार के सदस्यों को नियम विरुद्ध तरीके से पांच सरकारी सुरक्षा गार्ड दिए गए हैं।

यह भी पढ़ें -  🚌 रक्षाबंधन पर महिलाओं को धामी सरकार की बड़ी सौगात, 28-29 अगस्त को उत्तराखंड रोडवेज बसों में मुफ्त सफर

उन्होंने अपने एक निजी वाहन को पायलट कार बनाकर उसमें हूटर लगाया है। जब वह घर से बाहर निकलते हैं तो अपनी सुरक्षा का दुरुपयोग कर हूटर बजाकर कानून का उल्लंघन करते हैं। याचिकाकर्ता ने न्यायालय को बताया कि कुंवर प्रणव सिंह को कोई धमकी नहीं मिली है। ऐसे में उनकी सुरक्षा में लगे गनर का दुरुपयोग हो रहा है।

वर्ष 2016 में उच्च न्यायालय ने सरकार को निर्देश जारी करते हुए कहा था कि किन-किन लोगों को सुरक्षा दी जाएगी इस पर राज्य सरकार एक कमेटी गठित करेगी। यह कमेटी जांच करने के उपरांत ही सुरक्षा देने की मंजूरी देगी। लेकिन अभी तक सरकार ने इस आदेश का पालन नहीं किया। एक प्रार्थना पत्र के आधार पर सुरक्षा दी जा रही है जो सरकारी तंत्र का दुरुपयोग है। वर्तमान समय में राज्य सरकार ने 197 वीआइपी को 610 गनर दिए हैं। जिनमें मुख्यमंत्री, राज्यपाल, हाई कोर्ट के न्यायाधीश सहित अन्य शामिल हैं।

यह भी पढ़ें -  🚨 मंदिर से लौट रहे पर्यटकों की कार का भीषण हादसा, चार की मौत; झपकी ने छीन ली चार जिंदगियां

 

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad