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⚖️ नैनीताल में भू-कानून उल्लंघन पर बड़ी कार्रवाई: 250 वर्ग मीटर जमीन सरकार में निहित


🚨 जिला प्रशासन का सख्त रुख, अवैध खरीद पर कड़ा कदम

उत्तराखंड के नैनीताल जिले में भू-कानून के उल्लंघन के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है।
जिला मजिस्ट्रेट ललित मोहन रयाल ने ग्राम सतबूंगा में खरीदी गई 250 वर्ग मीटर भूमि को राज्य सरकार के पक्ष में निहित करने के आदेश जारी किए हैं।


📂 क्या है पूरा मामला?

मामले की जांच उपजिलाधिकारी नैनीताल द्वारा की गई, जिसमें पाया गया कि—

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👉 पूनम त्रिखा (निवासी बल्लभगढ़, हरियाणा) के नाम
📍 ग्राम खपराड़ में पहले से 500 वर्ग मीटर भूमि दर्ज है

इसके बावजूद
👉 उनके पति राकेश त्रिखा ने
📍 ग्राम सतबूंगा में 250 वर्ग मीटर अतिरिक्त भूमि खरीद ली


⚖️ ‘अलग रहने’ का तर्क नहीं आया काम

सुनवाई के दौरान प्रतिवादियों ने दंपती के अलग-अलग रहने का दावा किया।

लेकिन—
👉 जिला शासकीय अधिवक्ता (राजस्व) ने स्पष्ट किया कि
✔️ दोनों के बीच कानूनी रूप से विवाह-विच्छेद नहीं हुआ है
✔️ पहले से दर्ज भूमि अभी भी रिकॉर्ड में कायम है

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👉 ऐसे में प्रशासन ने माना कि
निर्धारित सीमा से अधिक भूमि खरीदना भू-कानून का उल्लंघन है।


🏛️ सरकार के नाम होगी जमीन

📌 सभी अभिलेखों और पक्षों की सुनवाई के बाद
👉 डीएम ने 250 वर्ग मीटर भूमि राज्य सरकार में निहित करने का आदेश दिया

👉 साथ ही उपजिलाधिकारी नैनीताल को निर्देश:
✔️ राजस्व अभिलेखों में आवश्यक प्रविष्टि दर्ज करें
✔️ जमीन का कब्जा सरकार के पक्ष में लें


💡 Agresar Bharat Insight

यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि—

⚠️ भू-कानून के उल्लंघन पर अब सख्ती बढ़ रही है
⚠️ नियमों को दरकिनार कर की गई खरीद-फरोख्त पर प्रशासन कड़ा रुख अपना रहा है

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👉 खासकर बाहरी राज्यों के निवेश और भूमि खरीद मामलों में
कानूनी प्रावधानों का पालन अनिवार्य हो गया है


📌 Quick Highlights

🔹 250 वर्ग मीटर जमीन सरकार में निहित
🔹 पहले से 500 वर्ग मीटर भूमि दर्ज थी
🔹 अतिरिक्त खरीद को माना गया अवैध
🔹 डीएम ने दिए कब्जा लेने के निर्देश


(यह कार्रवाई राजस्व अभिलेखों और विधिक प्रक्रिया के आधार पर की गई है।)

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