कांग्रेस ने भाजपा पर लगाया दलित विरोधी होने का गंभीर आरोप; भाजपा ने पलटवार कर बताया सस्ती राजनीति
हल्द्वानी (नैनीताल)। हल्द्वानी के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में कांग्रेस पार्टी द्वारा आयोजित विशाल रैली के समापन के बाद अचानक शहर का राजनीतिक पारा चढ़ गया है। कार्यक्रम समाप्त होने के उपरांत मैदान में गंगाजल छिड़ककर तथाकथित ‘शुद्धीकरण’ किए जाने का मामला सामने आया है, जिसे लेकर कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उससे जुड़े संगठनों के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है।
कांग्रेस का हमला: “उजागर हुई जातिवादी मानसिकता”
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने प्रेसवार्ता कर इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की। पार्टी नेताओं का कहना है कि उनकी रैली में दलित, शोषित और पिछड़े वर्ग के लोगों तथा नेताओं की भारी भागीदारी रही। रैली की विशाल सफलता और दलित-पिछड़ा वर्ग की एकजुटता से बौखलाकर भाजपा समर्थित लोगों ने मैदान का शुद्धीकरण कराया है। कांग्रेस ने इसे 21वीं सदी में भी छुआछूत और संकीर्ण सोच को बढ़ावा देने वाला कृत्य करार देते हुए बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान का अपमान बताया।
भाजपा का पलटवार: “आरोप बेबुनियाद, खेला जा रहा जातिगत कार्ड”
दूसरी ओर, भाजपा प्रवक्ताओं और स्थानीय नेतृत्व ने कांग्रेस के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। भाजपा का कहना है कि इस घटनाक्रम से उनका कोई लेना-देना नहीं है। पार्टी अपनी खिसकती राजनीतिक जमीन को बचाने के लिए जबरन जातिगत कार्ड खेलकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है।
बढ़ता तनाव और निष्पक्ष जांच की मांग
रामलीला मैदान के इस प्रकरण के बाद क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं विपक्षी दलों ने भी सार्वजनिक स्थलों पर ऐसे जातिगत और धार्मिक विवादों की निंदा करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई है।
अग्रसर भारत न्यूज़ डिजिटल डेस्क द्वारा प्रकाशित।


