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उत्तराखंड में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष प्रीतम सिंह का 21 नवम्बर का सचिवालय कूच सत्ता पक्ष के साथ साथ कांग्रेस के अंदर भी चर्चाओं में है। माना जा रहा है ये सचिवालय कूच प्रीतम सिंह का शक्ति प्रदर्शन भी है।
पार्टी संगठन में जिस तरह से प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा और प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव से उनके मतभेदो की बातें सामने आ रही है, उसके बाद ये साफ हो गया है कि प्रीतम सिंह पार्टी में अपनी शक्ति दिखाने को बेचैन हैं।

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ऐसे में माना जा रहा है कि 21 नवंबर के कूच में प्रीतम खेमे के विधायक भी शामिल होंगे। प्रीतम सिंह के अनुसार उनका ये सचिवालय कूच किसी तरह का शक्ति प्रदर्शन नहीं है। उनके अनुसार जो ज्वलंत मुद्दे है, उन्हें वो उठा रहें है। अगर बीजेपी के असंतुष्ट भी आना चाहते है तो आ सकते हैं।
प्रीतम सिंह के 21 नवम्बर के विधानसभा कूच की कोई भी जानकारी प्रदेश कांग्रेस संगठन को नहीं है। कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा के अनुसार उनसे कोई बात नहीं की गई। उन्होंने कहा, “अगर प्रीतम सिंह मुझे बताएंगे तो पता चलेगा उनका क्या प्लान है। और वो क्या करना चाहते है। उनके अनुसार मैं उनके कार्यक्रम में भी नहीं जा पाउंगा। क्योंकि मेरे पहले से भारत जोड़ो यात्रा के कार्यक्रम हैं।”
उनके अनुसार प्रीतम सिंह विधायक हैं और विधानसभा सत्र से पहले गर्माहट लाने की उनकी मंशा होगी। लेकिन करन माहरा ने कहा कि उन्हें उनके कार्यक्रम की कोई जानकारी नहीं है।

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