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देहरादून में कांग्रेस ने मोदी सरकार पर जोरदार प्रहार करते हुए कहा कि जीएसटी (GST) के दो स्लैब हटाने का फैसला इस बात का सबूत है कि आठ साल पहले राहुल गांधी सही थे। राहुल ने इसे ‘गब्बर सिंह टैक्स’ कहा था और अब केंद्र सरकार को मजबूरी में इस पर सुधार करना पड़ा।

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👉 एआईसीसी के राष्ट्रीय सचिव काजी निजामुद्दीन ने इसे “देरी से उठाया गया अधूरा सही कदम” बताया और कहा कि जीएसटी ने राज्यों की वित्तीय स्थिति को बुरी तरह प्रभावित किया। उन्होंने उत्तराखंड सहित छोटे और हिमालयी राज्यों को आर्थिक मुआवजा देने की मांग की।

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🗣️ विधायक काजी निजामुद्दीन ने आरोप लगाया कि जीएसटी ढांचे ने आम जनता पर अनुचित टैक्स का बोझ डाला और छोटे राज्यों की कमर तोड़ दी।

🌄 कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने मांग की कि हिमालयी राज्यों की जीएसटी काउंसिल बैठक गैरसैंण में बुलाई जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तराखंड सरकार केंद्र के इशारे पर काम कर रही है और राज्य के हित की अनदेखी कर रही है।

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❓ अब सवाल यह है कि आखिर सरकार को आठ साल बाद अपने ही फैसले पर पुनर्विचार क्यों करना पड़ा? क्या राहुल गांधी की चेतावनी अब सच साबित हो गई?

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