
देहरादून। उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। अंकिता को न्याय दिलाने की मांग को लेकर गुरुवार को देहरादून स्थित लोकभवन के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और मामले की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने जा रहे कांग्रेस नेताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत को पुलिस द्वारा पकड़कर बस में बैठाने का प्रयास किए जाने की बात भी सामने आई।
राहुल गांधी ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर दुष्यंत गौतम को उत्तराखंड का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के विषय में हस्तक्षेप करने की मांग की है। पत्र में उन्होंने कथित तौर पर अनुरोध किया है कि मामले की जांच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम को राज्यपाल नियुक्त न करने की सलाह दी जाए।
इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस लगातार सवाल उठा रही है और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की मांग कर रही है। हालांकि, किसी व्यक्ति के विरुद्ध आरोपों और उनकी पुष्टि के बीच अंतर करना जरूरी है। संबंधित आरोपों की स्थिति और आधिकारिक जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है।
लोकभवन के बाहर नारेबाजी, पुलिस से हुई धक्का-मुक्की
गुरुवार को देहरादून में कांग्रेस कार्यकर्ता अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग के साथ लोकभवन पहुंचे थे। कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने का प्रयास किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए मामले में न्याय सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। घटनाक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं और पुलिस के बीच तनाव देखने को मिला।
अंकिता को न्याय दिलाने की मांग फिर तेज
अंकिता भंडारी हत्याकांड उत्तराखंड में लंबे समय से एक संवेदनशील और चर्चित मुद्दा बना हुआ है। मामले को लेकर समय-समय पर राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की ओर से निष्पक्ष जांच, पारदर्शिता और न्याय की मांग उठाई जाती रही है।
देहरादून में कांग्रेस का ताजा प्रदर्शन और राहुल गांधी की ओर से राष्ट्रपति को लिखे गए पत्र ने इस मुद्दे को फिर से राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है। अब इस मामले में संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और आधिकारिक स्तर पर होने वाली कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।
नोट: राहुल गांधी के पत्र, दुष्यंत गौतम की संभावित नियुक्ति और प्रदर्शन के घटनाक्रम से संबंधित विवरणों को प्रकाशित करने से पहले आधिकारिक पत्र तथा विश्वसनीय समाचार स्रोत से सत्यापित कर लें।



