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📍 ऋषिकेश: तीर्थनगरी ऋषिकेश में परिवारिक विवाद ने खतरनाक मोड़ ले लिया है। यहां एक एयरफोर्स अधिकारी के नाबालिग बेटे पर हमला हुआ और सनसनीखेज आरोप मां पर ही लगे हैं।

👉 घटना के बाद बच्चा गहरे सदमे में है और पिता को उसे उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पास लेकर काउंसलिंग के लिए जाना पड़ा।

👨‍👩‍👦 पारिवारिक विवाद से हिंसा

सूत्रों के अनुसार, एयरफोर्स अधिकारी का वैवाहिक जीवन लगभग 15 साल तक ठीक चला। दो बेटे हुए और दोनों ने कई शहरों में प्रॉपर्टी खरीदी। लेकिन 5 साल पहले पत्नी एक प्रॉपर्टी डीलर के संपर्क में आई और बड़ा बेटा लेकर पति से अलग हो गई। छोटा बेटा पिता के पास ही रहा।

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🛑 दुकान पर हमला और बेटा निशाना

तीन हफ्ते पहले ऋषिकेश स्थित दुकान पर कब्जे की नीयत से हमला किया गया। आरोप है कि इस दौरान महिला भी मौजूद थी। उस समय दुकान पर उनका छोटा बेटा बैठा था। हमले के बाद डीवीआर भी गायब हो गया। पिता ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।

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⚖️ बाल आयोग का हस्तक्षेप

डॉ. गीता खन्ना, अध्यक्ष बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने मामले को बेहद गंभीर मानते हुए पुलिस को मुकदमा दर्ज कर जांच करने के आदेश दिए हैं। अब तक हुई दो सुनवाई में मां एक भी बार नहीं पहुंची।

🧒 बेटा बेहद आहत है क्योंकि उसे यकीन है कि हमले की साज़िश उसकी मां ने ही रची।

🔥 आगे क्या?

  • 👉 पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कर जांच करने के आदेश।
  • 👉 आयोग की सुनवाई में मां की लगातार गैरहाज़िरी।
  • 👉 मनोवैज्ञानिक से बच्चे की काउंसलिंग कराई गई।
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🚨 इस पूरे मामले ने स्थानीय स्तर पर सनसनी फैला दी है। अब देखना होगा कि जांच में सच क्या सामने आता है।

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