हल्द्वानी/लालकुआं:
विशेष सत्र न्यायालय (पॉक्सो) की न्यायाधीश सविता चमोली की अदालत ने नाबालिग से दुराचार के एक गंभीर मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। न्यायालय ने आरोपी देवेंद्र सिंह बिष्ट उर्फ देबू को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के सश्रम (कठोर) कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड (जुर्माना) भी लगाया गया है।
क्या था पूरा मामला?
विशेष अभियोजन अधिकारी (पॉक्सो) उपेंद्र शर्मा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि घटना मई 2024 की है। लालकुआं निवासी देवेंद्र सिंह बिष्ट उर्फ देबू ने एक नाबालिग बच्ची को बहला-फुसलाकर उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए थे। इस घिनौने कृत्य के बाद आरोपी ने पीड़िता को मुंह खोलने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी।
न्यायालय में सिद्ध हुआ दोष
घटना के बाद पीड़िता के परिजनों ने लालकुआं थाने में आरोपी के खिलाफ लिखित तहरीर दी, जिसके आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। मामले की गहन जांच के बाद जांच अधिकारी (विवेचक) ने न्यायालय में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल की।
न्यायालय में चली लंबी सुनवाई, पुख्ता गवाहों और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी देवेंद्र सिंह बिष्ट पर दोष पूरी तरह सिद्ध हो गया। माननीय अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए दोषी को समाज में एक कड़ा संदेश देने वाली सख्त सजा से दंडित किया है।


