
हल्द्वानी। दमुवादूंगा क्षेत्र में 24 वर्षीय महिला मीनाक्षी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद हड़कंप मच गया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि गर्दन के दर्द के इलाज के लिए कालाढूंगी रोड स्थित एक पहलवान के पास मालिश कराने के दौरान उसकी गर्दन जोर से चटकाई गई, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई।
जानकारी के मुताबिक मूल रूप से पिथौरागढ़ निवासी मीनाक्षी अपने पति रामचंद्र के साथ दमुवादूंगा में रहती थी। वह पिछले कई महीनों से गर्दन के दर्द से परेशान थी और उसका सुशीला तिवारी अस्पताल में उपचार भी चल रहा था। परिजनों के अनुसार, लोगों की सलाह पर रामचंद्र उसे कालाढूंगी रोड स्थित गुरुद्वारे के समीप नईम पहलवान के पास मालिश कराने ले गए थे।
आरोप है कि मालिश के दौरान गर्दन चटकाने के बाद मीनाक्षी की हालत अचानक बिगड़ गई। परिजन उसे तत्काल बेस अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत अवस्था में लाए जाने की जानकारी दी।
हालांकि, मौत का वास्तविक चिकित्सकीय कारण क्या था और गर्दन चटकाने की घटना का मौत से कोई सीधा संबंध था या नहीं, यह जांच और चिकित्सकीय रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल इस संबंध में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मीनाक्षी की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। वह अपने पीछे दो छोटे बच्चों को छोड़ गई है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने भी मामले से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है।
स्वास्थ्य विभाग ने दुकान का किया निरीक्षण
मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने भी संज्ञान लिया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी नैनीताल डॉ. रश्मि पंत और अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी हल्द्वानी डॉ. रजत भट्ट के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम कालाढूंगी रोड स्थित संबंधित दुकान पर पहुंची। हालांकि, टीम को मौके पर दुकान बंद मिली।
इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम बेस चिकित्सालय पहुंची और मीनाक्षी से संबंधित चिकित्सकीय जानकारी जुटाई। अस्पताल की ओर से महिला को मृत अवस्था में लाए जाने की जानकारी दी गई।
सीएमओ डॉ. रश्मि पंत ने अधिकारियों को मामले की तथ्यात्मक जानकारी जुटाने और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही बिना वैध चिकित्सकीय योग्यता के उपचार करने वाले व्यक्तियों और अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने को कहा गया है।
घटना ने निगरानी व्यवस्था पर उठाए सवाल
मीनाक्षी की मौत के बाद अनधिकृत तरीके से उपचार या मालिश करने वाले लोगों की निगरानी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, इस मामले में किसी व्यक्ति की चिकित्सकीय लापरवाही या मौत के कारण की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
फिलहाल पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की जांच के साथ चिकित्सकीय रिपोर्ट का इंतजार है। इन्हीं के आधार पर मीनाक्षी की मौत की वास्तविक वजह और घटना में कथित मालिश की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।


