
हल्द्वानी। हल्द्वानी में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने इंसानियत और संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए। हादसे में गंभीर रूप से घायल अपने 13 वर्षीय बेटे को बचाने के लिए एक पिता उसे गोद में उठाकर मदद की तलाश में भटकता रहा, लेकिन आरोप है कि मौके पर मौजूद कुछ लोग मदद करने के बजाय मोबाइल से वीडियो बनाने में लगे रहे। आखिरकार बेटे को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार रात करीब 11 बजे हरिशंकर अपने बेटे कपिल के साथ सब्जी बेचकर ठेला लेकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान हल्द्वानी-रामनगर हाईवे पर तेज रफ्तार बाइक ने उनके ठेले को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पिता-पुत्र दोनों सड़क पर गिरकर घायल हो गए।
बेटे को बचाने के लिए दर्द भूल गया पिता
हादसे में 13 वर्षीय कपिल गंभीर रूप से घायल हो गया। उसकी हालत देखकर घायल पिता हरिशंकर अपना दर्द भूलकर बेटे को बचाने में जुट गए। वह बेटे को गोद में उठाकर अस्पताल पहुंचाने के लिए लोगों से मदद मांगते रहे। घटनास्थल पर भीड़ जुट गई, लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ लोग मदद के लिए आगे आने के बजाय घटना का वीडियो बनाने में लगे रहे।
जब तत्काल कोई वाहन नहीं मिला, तो हरिशंकर ने किसी तरह ऑटो की व्यवस्था की और बेटे को डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने कपिल को मृत घोषित कर दिया।
चार भाई-बहनों में सबसे बड़ा था कपिल
कपिल चार भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। उसकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार का आरोप है कि यदि समय रहते मदद मिल जाती और घायल बच्चे को जल्द अस्पताल पहुंचाया जाता, तो उसे बचाने की संभावना हो सकती थी।
परिजनों ने तत्काल सहायता नहीं मिलने को लेकर भी सवाल उठाए हैं। इस घटना ने सड़क हादसों के दौरान घायलों की मदद करने की जिम्मेदारी और मानवीय संवेदनशीलता को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।
हादसे के बाद बाइक सवार फरार
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाइक पर दो युवक सवार थे। हादसे के बाद दोनों मौके से फरार हो गए। घटना के संबंध में पुलिस की कार्रवाई और बाइक सवारों की पहचान को लेकर आधिकारिक जानकारी की पुष्टि आवश्यक है।
यह हादसा एक परिवार के लिए ऐसा गहरा दुख छोड़ गया, जिसकी भरपाई संभव नहीं है। साथ ही, यह सवाल भी छोड़ गया कि किसी की जिंदगी संकट में हो, तो मोबाइल से वीडियो बनाने के बजाय मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाना क्या हमारी पहली जिम्मेदारी नहीं होनी चाहिए?



