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यूपी के गोरखपुर में भांजे के प्यार में पड़ी एक मामी के कत्ल की साजिश का पर्दाफाश हुआ है। भांजे से रिश्ता बनने के बाद इस महिला को अपने पहले प्रेमी से ऐसी चिढ़ मचती है कि उसे चेन्नई से गोरखपुर बुलाकर कत्ल करा डालती है।

प्रेमी के कत्ल के बाद दो अन्य रिश्तेदारों की मदद से उसकी लाश को ताल में फेंक कर निश्चिंत हो जाती है। महिला अपने दैनिक जीवन में जुट जाती है। उधर, ताल से लावारिस लाश मिलने के बाद हरकत में आई पुलिस मरने वाले की शिनाख्त से लेकर कातिलों की पहचान तक का काम एक-एक कदम आगे बढ़ते हुए अंजाम देती चली जाती है। आखिरकार कत्ल की साजिश रचने वाली महिला और उसका प्रेमी भांजा सहित कुल चार आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने में पुलिस को कामयाबी मिली है। पकड़े जाने के बाद महिला ने पुलिस को बताया कि उसके कुछ आपत्तिजनक फोटो और वीडियो मारे गए शख्स के पास थे जिन्हें दिखाकर वह उसे लगातार ब्लैकमेल कर रहा था।

गोरखपुर के थाना गुलरिहा क्षेत्र में पिछले महीने 19 जून को लावारिस लाश मिलने के बाद इसकी पहचान की कोशिश में जुटी पुलिस ने न सिर्फ उसकी पहचान की, बल्कि हत्या करने वालों को भी दबोच लिया। लाश मिलने के बाद पुलिस ने उसकी फोटो को वायरल किया था। इसी आधार पर मरने वाले के पिता थाने पहुंचे और बेटे सिंटू के रूप में पहचान की। फिर पुलिस ने जांच की तो पता चला कि उसकी प्रेमिका ने अपने प्रेमी भांजे और दो अन्य रिश्तेदारों की मदद से हत्या कर दी और फिर शव को ले जाकर ताल में फेंक आए थे। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर रविवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेजा गया। आरोपियों के पास से पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल डंडा, मृतक का पर्स और आधार कार्ड बरामद कर लिया है।

पकड़े गए आरोपियों की पहचान चिलुआताल के रोहुवा निवासी प्रियंका निषाद, भांजा बृजेंद्र निषाद, आकाश कुमार और शिव कुमार के रूप में हुई है। एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर, एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने पुलिस लाइंस में प्रेस कांफ्रेंस कर पकड़े गए आरोपियों के बारे में जानकारी दी। एसएसपी ने बताया कि 19 जून को फैलहवा घाट के पास ताल में एक युवक का शव मिला था।

मायके में देवर बनाकर रखा फिर मरवा दिया
शिनाख्त न होने के कारण 72 घंटे बाद पुलिस ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया और पहचान की कोशिश में जुटी थी। पुलिस पम्पलेट छपवाकर प्रसारित किया गया, जिसे देखकर थाना चिलुआताल के बेलवार निवासी रामसूरत निषाद ने आकर बताया कि यह शव उनके बेटे सिंटू का है। पता चला कि 14 जून की रात में सिंटू ने घरवालों को चेन्नई से फोन करके बताया था कि वह काम के सिलसिले में बैंगलुरु जा रहा है। पुलिस जांच में पता चला कि सिंटू प्रेमिका से मिलने गोरखपुर आ गया था। वह अपनी प्रेमिका से मिलने उसके मायके जंगल डुमरी नंबर 02 टोला पोखरा थाना गुलरिहा गया था, जहां दो दिन प्रियंका ने उसे देवर बताते हुए रखा और फिर नए प्रेमी और भांजे के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। आरोपियों ने उसे घर से उठाया और हत्या करने के बाद शव को ताल में फेंक दिया था। उधर, सिंटू के घर वाले उसकी तलाश चेन्नई और बैंगलुरू में कर रहे थे।

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