ADVERTISEMENTS Ad
खबर शेयर करें -

देहरादून। उत्तराखंड में सहायता प्राप्त अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की भर्ती को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। लंबे समय से नियुक्तियों पर लगी रोक हटने के बाद अब निर्धारित शर्तों के तहत रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। इस निर्णय से शिक्षकों की कमी से जूझ रहे विद्यालयों को राहत मिलने के साथ ही भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों की उम्मीदें भी बढ़ी हैं।

रिक्त पदों पर तय मानकों के अनुसार होंगी नियुक्तियां

सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक, अशासकीय विद्यालयों की प्रबंधन समितियां निर्धारित नियमों के अनुसार भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ा सकेंगी। हालांकि, नियुक्तियां विद्यालयों में छात्र संख्या और सक्षम स्तर से स्वीकृत अथवा नियमानुसार पुनर्जीवित किए गए रिक्त पदों के आधार पर ही की जाएंगी।

यह भी पढ़ें -  उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी और अंकिता भंडारी केस में नार्को टेस्ट अलग-अलग मामले, हरिद्वार पुलिस ने सोशल मीडिया के दावों को बताया भ्रामक

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने दी जानकारी

विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि प्रदेश के सहायता प्राप्त अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में शैक्षिक और शिक्षणेत्तर संवर्ग के रिक्त पदों पर सशर्त भर्ती की अनुमति दी गई है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों की प्रबंधन समितियां नियमों और निर्धारित मानकों का पालन करते हुए पारदर्शी तरीके से नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर सकती हैं।

यह भी पढ़ें -  हल्द्वानी में बाल यौन शोषण का मामला उजागर, 11 साइबर शिकायतों के आधार पर मुकदमा दर्ज; डिजिटल उपकरणों से आपत्तिजनक सामग्री बरामद

उन्होंने बताया कि भर्ती पर रोक के चलते कई विद्यालयों की प्रबंधन समितियों को नियुक्तियों के लिए हाईकोर्ट का रुख करना पड़ रहा था। वहीं, शिक्षकों की कमी के कारण विद्यालयों में पठन-पाठन की व्यवस्था भी प्रभावित हो रही थी। सरकार के इस निर्णय से भर्ती प्रक्रिया में आ रही बाधाओं को दूर करने में मदद मिलेगी।

शासनादेशों का पालन करना होगा अनिवार्य

सरकार ने स्पष्ट किया है कि भर्ती प्रक्रिया में केवल नियमानुसार स्वीकृत या बहाल किए गए रिक्त पदों को ही शामिल किया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को संबंधित शासनादेशों और कानूनी प्रावधानों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।

यह भी पढ़ें -  लालकुआं के लोगों को संक्रमणीय भूमिधर अधिकार देने की प्रक्रिया एक साल बढ़ी, आगे भी जारी रखने का भरोसा: विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट

नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की प्रशासनिक या कानूनी अड़चन न आए।

सरकार के इस फैसले से प्रदेश के अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में रिक्त पदों को भरने की राह आसान होने की उम्मीद है। इससे विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में मदद मिल सकती है।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

By पंकज शर्मा

निष्पक्ष, सटीक और त्वरित समाचार आप तक पहुँचाने के संकल्प के साथ 'अग्रसर भारत' की नींव रखी गई है। डिजिटल मीडिया पत्रकारिता (DJNM) में प्रशिक्षित संपादक पंकज शर्मा के नेतृत्व में हमारा लक्ष्य हर खबर को उसकी सच्चाई और जिम्मेदारी के साथ आपके सामने लाना है।