सेंचुरी पेपर मिल के ITC द्वारा अधिग्रहण पर वरिष्ठ कांग्रेसी मोहन कुड़ाई ने जताई खुशी, बोले— “लालकुआं के औद्योगिक विकास का नया अध्याय शुरू”
चार दशकों से अधिक समय से लालकुआं की पहचान, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रही सेंचुरी पल्प एंड पेपर मिल का स्वामित्व अब आधिकारिक रूप से ITC लिमिटेड के पास चला गया है। इस ऐतिहासिक अधिग्रहण पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता श्री मोहन चंद्र कुड़ाई जी ने गहरा हर्ष व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र के लिए एक नए औद्योगिक युग की शुरुआत बताया है।
कुमाऊं की अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई गति
खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मोहन कुड़ाई ने कहा कि ITC जैसी प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनी द्वारा सेंचुरी मिल का लगभग ₹3,498 करोड़ में अधिग्रहण करना पूरे कुमाऊं क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
उन्होंने कहा:
“सेंचुरी मिल का ITC के हाथ में जाना लालकुआं के भविष्य के लिए बेहद सुखद संकेत है। इससे न केवल मिल का सुचारू संचालन सुनिश्चित होगा, बल्कि सैकड़ों श्रमिकों और उनके परिवारों का भविष्य भी सुरक्षित होगा। नए प्रबंधन से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में एक नई ऊर्जा का संचार होगा।”
संस्थापक स्वर्गीय एन.डी. तिवारी जी को किया याद
खबर के इस महत्वपूर्ण मोड़ पर मोहन कुड़ाई ने उत्तराखंड के विकास के पुरोधा और पूर्व मुख्यमंत्री/केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय नारायण दत्त तिवारी (एन.डी. तिवारी) जी के योगदान को नमन किया।
उन्होंने याद दिलाते हुए कहा कि वर्ष 1984 में स्थापित इस सेंचुरी पेपर मिल की नींव स्वर्गीय तिवारी जी की दूरदर्शी सोच का ही परिणाम थी। उन्होंने ही लालकुआं जैसे छोटे से क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ‘कागज उद्योग’ के नक्शे पर स्थापित किया था। आज जब मिल एक नए प्रबंधन (ITC) के हाथों में जा रही है, तो स्वर्गीय तिवारी जी का वह सपना और अधिक विस्तार लेता हुआ दिखाई दे रहा है।
स्थानीय युवाओं और श्रमिकों को प्राथमिकता देने की मांग
श्री कुड़ाई ने राज्य सरकार और नए ITC प्रबंधन से विशेष आग्रह करते हुए कहा कि:
- स्थानीय युवाओं को रोजगार: मिल में होने वाली नई नियुक्तियों में स्थानीय निवासियों और युवाओं को पहली प्राथमिकता (वरीयता) दी जाए।
- श्रमिक हितों की रक्षा: वर्षों से मिल में कार्यरत नियमित एवं ठेका श्रमिकों के अधिकारों और उनके आर्थिक हितों को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाए।
अतिरिक्त जानकारी: सेंचुरी मिल और ITC के अधिग्रहण के मुख्य बिंदु
खबर को और अधिक व्यापक बनाने के लिए इसके तकनीकी और ऐतिहासिक पहलुओं पर एक नजर:
- सेंचुरी मिल का गौरवशाली इतिहास (1984-2024):
- स्थापना: 1984 (आदित्य बिड़ला समूह द्वारा)।
- रोजगार का आधार: मिल में वर्तमान में लगभग 8,000 से अधिक अधिकारी, स्थायी कर्मचारी और ठेका कर्मी कार्यरत हैं। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों परिवारों की रोजी-रोटी इससे जुड़ी है।
- पहचान: भारत की शीर्ष प्रीमियम पेपर, टिश्यू और बोर्ड मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों में इसकी गिनती होती है।
- ITC लिमिटेड का नया निवेश और आधुनिक तकनीक:
- डील का आकार: आदित्य बिड़ला रियल एस्टेट लिमिटेड के साथ ITC ने लगभग ₹3,498 करोड़ का यह बड़ा सौदा किया है।
- आधुनिकता की ओर कदम: ITC के पास आने से अब इस इकाई में अत्याधुनिक तकनीक, नई मशीनरी और भारी नया निवेश आने की उम्मीद है।
- पर्यावरण और स्थिरता: ITC अपने पर्यावरण-अनुकूल (Eco-friendly) और सस्टेनेबल ऑपरेशन्स के लिए जानी जाती है, जिससे लालकुआं में हरित एवं आधुनिक औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
निष्कर्ष:
1 अगस्त से मिल का स्वामित्व और प्रबंधन औपचारिकताएं पूर्ण होकर ITC के पास आ चुकी हैं। लालकुआं के व्यापारियों, छोटे कारोबारियों और आम जनता की निगाहें अब नए प्रबंधन पर टिकी हैं। सभी को उम्मीद है कि ITC, सेंचुरी मिल की 41 साल पुरानी इस समृद्ध विरासत को और अधिक ऊंचाइयों पर ले जाएगी।


