हल्द्वानी/कालाढूंगी | अग्रसर भारत डेस्क
नैनीताल जनपद में अपराधियों और गुंडागर्दी करने वालों के खिलाफ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. मंजूनाथ टी.सी. का सख्त अभियान जारी है। इसी क्रम में कालाढूंगी पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए क्षेत्र में दहशत फैलाने और फायरिंग करने वाले तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इनके पास से अवैध पिस्टल, तमंचा और जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं।
क्या था पूरा मामला?
घटना 14 फरवरी 2026 की रात की है, जब डायल 112 के माध्यम से सूचना मिली कि हल्द्वानी रोड स्थित बैलपोखरा तिराहे के पास कुछ लोगों के बीच खूनी संघर्ष और फायरिंग हुई है। सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी रामनगर और प्रभारी निरीक्षक कालाढूंगी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। हालांकि आरोपी फरार हो चुके थे, लेकिन पुलिस ने बारीकी से निरीक्षण कर मौके से वीडियोग्राफी की और भारी मात्रा में खाली खोखे बरामद किए।
16 फरवरी को वादिनी बलजीत कौर की तहरीर पर पुलिस ने रंजीत सिंह, मनदीप सिंह और गुरप्रीत सिंह सहित अन्य के खिलाफ बीएनएस (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया।
एसएसपी के निर्देश पर ‘ऑपरेशन गिरफ्तारी’
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के आदेश दिए। एसपी हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल और सीओ रामनगर सुमित पाण्डे के नेतृत्व में गठित टीम ने जाल बिछाया। आज दिनांक 20 फरवरी 2026 को सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने गडप्पू बैरियर के पास से घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को दबोच लिया।
पुरानी रंजिश और अवैध हथियारों का जखीरा
पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह पूरी घटना पुरानी रंजिश का परिणाम थी। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने निम्नलिखित हथियार बरामद किए हैं:
- 02 अवैध देशी पिस्टल
- 01 अवैध तमंचा (.22 बोर)
- 05 जिंदा कारतूस
- घटनास्थल से कुल 13 खाली खोखे बरामद किए गए।
पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान गुरप्रीत सिंह (रामपुर, यूपी), रंजीत सिंह (बैलपोखरा) और मनदीप सिंह (उदयपुर) के रूप में हुई है। इन सभी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई है।
पुलिस टीम को मिला इनाम
सफलतापूर्वक आरोपियों को गिरफ्तार करने और अवैध हथियार बरामद करने वाली पुलिस टीम के उत्साहवर्धन के लिए एसएसपी नैनीताल ने 1,500 रुपये के नगद पुरस्कार की घोषणा की है।
गिरफ्तारी टीम के मुख्य सदस्य: प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार सैनी, पंकज जोशी, दीपक बिष्ट, राजवीर सिंह, एसओजी प्रभारी राजेश जोशी और अन्य जांबाज पुलिसकर्मी।


