हल्द्वानी (अग्रसर भारत डेस्क)। आज पनचक्की रोड स्थित अंबिका विहार के समीप हुए दर्दनाक सड़क हादसे को जिला प्रशासन ने अत्यंत गंभीरता से लिया है। इस दुर्घटना में एक वृद्ध व्यक्ति की अकाल मृत्यु के बाद, जिलाधिकारी (DM) ललित मोहन रयाल ने तत्काल प्रभाव से मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
15 दिन के भीतर दूध का दूध और पानी का पानी
जिलाधिकारी ने नगर मजिस्ट्रेट (सिटी मजिस्ट्रेट) ए.पी. वाजपेयी को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 के तहत होने वाली इस जांच में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि:
- दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाया जाए।
- क्या इसमें किसी विभाग या व्यक्ति की लापरवाही रही?
- यातायात नियमों के उल्लंघन के पहलुओं की जांच हो।
- भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस सुझाव दिए जाएं।
जांच अधिकारी को 15 दिन के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट जिलाधिकारी कार्यालय को सौंपनी होगी।
ग्राउंड जीरो पर एक्शन: सिटी मजिस्ट्रेट ने किया स्थलीय निरीक्षण
हादसे के तुरंत बाद सिटी मजिस्ट्रेट ए.पी. वाजपेयी एक्शन मोड में नजर आए। उन्होंने ट्रैफिक पुलिस, UUSDA (उत्तराखंड शहरी क्षेत्र विकास एजेंसी) और सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ पनचक्की से लेकर चौफला और दो नहरिया क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान कड़े निर्देश:
- ट्रेंचलेस कार्य: निर्माण कार्य के दौरान जनता को असुविधा न हो, इसके लिए आधुनिक ट्रेंचलेस तकनीक का उपयोग सुनिश्चित करें।
- सड़क चौड़ीकरण: जहां खुदाई हुई है, वहां ट्रैफिक के लिए रास्ता चौड़ा करने हेतु फुटपाथ या रैंप हटाए जाएं।
- सुरक्षा मानक: कार्य क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हों ताकि दोबारा कोई अप्रिय घटना न हो।
जनता से अपील: अगर आपके पास है कोई साक्ष्य, तो आएं सामने
सिटी मजिस्ट्रेट ने आम जनता से अपील की है कि यदि इस दुर्घटना से संबंधित किसी के पास कोई जानकारी, फोटो या CCTV फुटेज है, तो वह 15 दिनों के भीतर किसी भी कार्य दिवस पर उनके कार्यालय में आकर साक्ष्य प्रस्तुत कर सकता है।
अग्रसर भारत न्यूज़: प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से स्पष्ट है कि लापरवाही बरतने वालों की खैर नहीं। हम मृतक के परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।


