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हल्द्वानी।

निजी वाहनों (सफेद नंबर प्लेट) के जरिए रैपिडो ऐप पर अवैध रूप से सवारियां ढोने वाले चालकों के खिलाफ परिवहन विभाग ने अब तक की सबसे अनोखी और सख्त कार्रवाई की है। आरटीओ प्रवर्तन की टीम ने खुद आम ग्राहक बनकर सादे कपड़ों में जाल बिछाया और नियमों की धज्जियां उड़ा रहे चालकों को रंगे हाथों दबोच लिया। नौ और दस जुलाई को चले इस दो दिवसीय महाभियान के तहत कुल 18 निजी मोटरसाइकिलों को सीज कर दिया गया है, जिससे अवैध कमर्शियल संचालन करने वाले रैपिडो चालकों में हड़कंप मच गया है।

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​अधिकारियों ने खुद बुक की बाइक, रंगे हाथों दबोचे गए चालक

​दरअसल, सीएम हेल्पलाइन और हल्द्वानी के विभिन्न सामाजिक मंचों पर लगातार मिल रही गंभीर शिकायतों के बाद संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा) अरविंद पांडेय के दिशा-निर्देश पर यह विशेष चेकिंग अभियान शुरू किया गया।

​कार्रवाई को पूरी तरह गोपनीय रखने के लिए परिवहन कर अधिकारी जगदीश चंद्र, पवन कुमार, अपराजिता पांडे, अनुभा आर्य और उनकी टीम सादे कपड़ों में शहर के प्रमुख चौराहों पर तैनात रही। टीम के सदस्यों ने अपने मोबाइल ऐप से आम सवारी बनकर बाइक बुक की। जैसे ही बेखौफ चालक तय लोकेशन पर सवारी लेने पहुँचे, टीम ने उन्हें घेर लिया। जब उनके वाहनों के दस्तावेजों की पड़ताल की गई, तो सभी मोटरसाइकिलें निजी (सफेद नंबर प्लेट) पाई गईं, जिनका धड़ल्ले से व्यावसायिक इस्तेमाल किया जा रहा था। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पहले दिन 6 और दूसरे दिन 12 बाइकों को मौके पर ही सीज कर दिया।

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​निजी वाहनों का कमर्शियल इस्तेमाल कानूनन अपराध: आरटीओ

​परिवहन विभाग के अधिकारियों ने सख्त लहजे में स्पष्ट किया है कि मोटर वाहन अधिनियम के तहत सफेद नंबर प्लेट वाले निजी वाहनों का किराए के लिए व्यावसायिक संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित और गैरकानूनी है। व्यावसायिक परिवहन के लिए केवल पीली नंबर प्लेट वाले अधिकृत वाहनों का ही इस्तेमाल किया जा सकता है।

अग्रसर भारत की अपील व चेतावनी:

ऐप के जरिए निजी वाहनों का व्यावसायिक संचालन करने पर न सिर्फ भारी-भरकम जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि संबंधित वाहन का पंजीकरण (आरसी) हमेशा के लिए निलंबित या निरस्त कर दिया जाएगा। आम नागरिक भी सुरक्षा के लिहाज से ऐसे अनधिकृत वाहनों में यात्रा करने से बचें।

​रिपोर्ट: अग्रसर भारत ब्यूरो