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चंपावत: वन्य जीव तस्करों पर पुलिस का कड़ा प्रहार, गुलदार की खाल के साथ एक गिरफ्तार

चंपावत/टनकपुर | अग्रसर भारत डेस्क

उत्तराखंड के शांत जंगलों में वन्य जीवों के शिकार और तस्करी के खिलाफ पुलिस ने एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। चंपावत पुलिस अधीक्षक (SP) श्रीमती रेखा यादव के निर्देशन में एसओजी (SOG) और वन विभाग की संयुक्त टीम ने चल्थी क्षेत्र में घेराबंदी कर एक तस्कर को गुलदार की खाल के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

162 सेंटीमीटर लंबी खाल बरामद

​क्षेत्राधिकारी टनकपुर सुश्री वंदना वर्मा के पर्यवेक्षण और एसओजी प्रभारी उपनिरीक्षक कमलेश भट्ट के नेतृत्व में पुलिस टीम क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर टीम ने तल्ली खटोली निवासी ईश्वर राम उर्फ दीपक (43) को दबोच लिया। तलाशी लेने पर आरोपी के पास से लगभग 162 सेंटीमीटर लंबी गुलदार (तेंदुए) की खाल बरामद हुई। विशेषज्ञों के अनुसार, यह खाल करीब दो साल पुराने गुलदार की है।

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फंदे में फंसकर हुई थी मौत, फिर निकाली खाल

​पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। आरोपी ईश्वर राम ने बताया कि करीब डेढ़ साल पहले उसने जंगली जानवरों को पकड़ने के लिए जंगल में फंदा लगाया था। दुर्भाग्यवश, उस फंदे में एक गुलदार फंस गया और उसकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपी ने अपने रिश्तेदार चंदन राम के साथ मिलकर गुलदार की खाल उतार ली और उसे बेचने की फिराक में था।

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कानूनी कार्रवाई और बरामदगी

    • बरामदगी: 01 गुलदार की खाल, 01 ओप्पो मोबाइल फोन और 540 रुपये नगद।
    • दर्ज मुकदमा: रेंज कार्यालय सुखीढांग में वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है।
    • जांच: पुलिस अब इस मामले में शामिल दूसरे आरोपी चंदन राम की तलाश कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह का हिस्सा हैं।

संपादकीय टिप्पणी: उत्तराखंड के देवभूमि होने के साथ-साथ यहाँ की जैव विविधता हमारी धरोहर है। ‘अग्रसर भारत’ पुलिस और वन विभाग की इस मुस्तैदी की सराहना करता है। वन्य जीवों का शिकार न केवल अपराध है, बल्कि पारिस्थितिकी तंत्र के लिए भी घातक है।