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बिंदुखत्ता की वन अधिकार समिति द्वारा भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य सचिवालय में पिछले सात माह से लंबित राजस्व ग्राम अधिसूचना को जल्द से जल्द जारी करवाना था। आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों को ध्यान में रखते हुए अधिसूचना जारी करने की मांग जोर-शोर से उठाई गई।

 

बैठक में सचिव भुवन भट्ट ने स्पष्ट किया कि यदि एक माह के भीतर अधिसूचना जारी नहीं होती है, तो बिंदुखत्ता के निवासी पंचायती राज प्रणाली से एक बार फिर वंचित रह जाएंगे। अध्यक्ष अर्जुन नाथ ने बताया कि वन अधिकार अधिनियम के तहत वन भूमि को अनारक्षित करने की आवश्यकता नहीं है। इसके बावजूद फाइल को अनारक्षण के लिए वन विभाग को भेजना नियमों का उल्लंघन है।

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पूर्व मंडल अध्यक्ष भरत नेगी ने सभी को एकजुट होकर प्रयास करने की अपील की, जबकि वरिष्ठ भाजपा नेता राम सिंह पपोला ने कहा कि 19 जून से फाइल पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है, जबकि जिलास्तरीय समिति का निर्णय अंतिम और बाध्यकारी होता है।

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पूर्व मंडल अध्यक्ष दीपक जोशी ने मुख्यमंत्री से मुलाकात का सुझाव दिया, जिसे भाजपा मंडल अध्यक्ष जगदीश पंत ने भी समर्थन दिया। पंत ने बताया कि वे स्वयं विधायक और सांसद से बातचीत कर उनके नेतृत्व में मुख्यमंत्री से जल्द मुलाकात सुनिश्चित कर अधिसूचना जारी करवाने का प्रयास करेंगे।

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बैठक में दुग्ध संघ के डायरेक्टर गोविंद मेहता, वरिष्ठ भाजपा नेता कुंदन चुफाल, करम सिंह, गोविंद दानू वनाधिकार समिति के सदस्य चंचल सिंह, बसंत पांडेय, उमेश भट्ट, रमेश गोस्वामी, गणेश कांडपाल सहित अन्य प्रमुख लोग भी शामिल रहे।

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