खबर शेयर करें -

सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) के शौचालय में शुक्रवार को भ्रूण मिलने से हड़कंप मच गया। पुलिस ने भ्रूण को कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवा दिया है। उधर पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। महिला वार्ड में भर्ती मरीजों की डिटेल मांगी गई है। भ्रूण चार महीने का बताया जा रहा है।

यह भी पढ़ें -  लालकुआँ: यूनिट हेड प्रणव शर्मा ने फहराया तिरंगा; बोले- 'सुरक्षा, गुणवत्ता और अनुशासन ही सच्ची स्वतंत्रता'

शुक्रवार सुबह सुशीला तिवारी का शौचालय चोक हो गया। इसकी शिकायत मरीजों ने अस्पताल प्रबंधन से की। शौचालय खोलने के लिए एक सफाईकर्मी को बुलाया गया। उसने जब शौचालय की सफाई की तो पाइप में फंसा हुआ भ्रूण तार में फंसकर बाहर आ गया। यह देखकर वह अचंभे में आ गया। उसने फौरन इसकी सूचना अस्पताल प्रबंधन को दी।

यह भी पढ़ें -  लालकुआं: वरिष्ठ भाजपा नेता के पुत्र पर नुकीले हथियार से जानलेवा हमला, बेस अस्पताल में भर्ती; नशे के विरोध पर रंजिश का आरोप

उधर, सूचना मिलने पर कोतवाली सहित पुलिस फोर्स भी मौके पर पहुंच गई। कोतवाल उमेश मलिक ने बताया कि डॉक्टरों के अनुसार भ्रूण चार महीने का था। कहा कि प्रथम दृष्टया जांच में आया है कि महिला को पेन हुआ होगा। वह शौचालय गई होगी। इसी दौरान भ्रूण टॉयलेट में गिर गया होगा। उसने लोकलाज की डर से किसी को नहीं बताया होगा। फिलहाल मामले की जांच शुरू कर दी गई है। अस्पताल प्रबंधन से रिपोर्ट मांगी गई है कि कोई महिला का इस संबंध में इलाज तो नहीं किया गया। शुरुआती जांच के बाद भ्रूण चार महीने का बताया जा रहा है। भ्रूण को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

ADVERTISEMENTS
यह भी पढ़ें -  लालकुआं (बड़ी खबर) सांसद अजय भट्ट ने स्वतंत्रता दिवस पर रिबन काटकर किया लोकार्पण, नगर के प्रवेश मार्गों को मिला नया व आकर्षक स्वरूप
Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad