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व्यापारियों और कस्टम के अधिकारियों के बीच हुई कहासुनी के बाद कस्टम, एसएसबी और व्यापारियों की संयुक्त बैठक में यह निर्णय लिया गया।

झूलाघाट बाजार से नेपाल के लिए घरेलू सामान ले जाने पर अब कस्टम विभाग के अधिकारियों को पक्का बिल दिखाना जरूरी होगा। कस्टम के नियमों के तहत ही व्यापारी सामान नेपाल भेज सकेंगे। व्यापारियों और कस्टम के अधिकारियों के बीच हुई कहासुनी के बाद कस्टम, एसएसबी और व्यापारियों की संयुक्त बैठक में यह निर्णय लिया गया।

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शुक्रवार को झूलाघाट की एक दुकान से नेपाली नागरिक अपने घर के लिए 9,000 रुपये का सामान बोरे में भरकर ले जा रहा था। झूलापुल पर तैनात कस्टम निरीक्षक ए. खान ने नेपाली नागरिक को रोककर सामान का बिल मांगा तो उसने दुकानदार का दिया हुआ सादे कागज पर लिखा बिल दिखाया। इस पर उसे पक्का बिल लाने को कहा गया।

जब नेपाली नागरिक दुकानदार के पास गया तो दुकानदार ने कुछ व्यापारियों के साथ मौके पर आकर सामान रोकने का कारण पूछा। जब निरीक्षक ने पक्का बिल जरूरी बताया तो व्यापारियों और कस्टम विभाग के अधिकारियों के बीच कहासुनी हो गई। इस दौरान व्यापारी ने कस्टम निरीक्षक पर सुविधा शुल्क लेने का आरोप भी मढ़ दिया।

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इस प्रकरण के बाद कस्टम अधीक्षक राजेश भोला दत्त पांडेय ने कस्टम कार्यालय में एसएसबी और व्यापारियों के साथ बैठक कर व्यापारी की ओर से निरीक्षक पर लगाए गए झूठे आरोप पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह दुर्व्यवहार और झूठे आरोप लगाए गए तो कानूनी कार्रवाई के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

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इस दौरान व्यापारी ने दुर्व्यवहार के लिए खेद जताया। कस्टम अधीक्षक ने कहा कि नेपाल के लिए ले जाए जाने वाले सामान का पक्का बिल दिखाना जरूरी होगा। उन्होंने सभी व्यापारियों से नियमों का पालन करने के लिए कहा। व्यापार मंडल अध्यक्ष जगदीश जोशी ने कहा कि सभी व्यापारी नियमों का पालन करेंगे। उन्होंने कस्टम विभाग से व्यापारियों के हितों का ध्यान रखने की भी अपील की।

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