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⚠️ उत्तराखंड में खाने में मिलावट का बड़ा खुलासा! हर 9 में से 1 सैंपल फेल

🚨 तीन साल में 4909 खाद्य नमूनों की जांच, 523 अधोमानक पाए गए — सदन में मंत्री का बड़ा खुलासा

📍 देहरादून | विधानसभा रिपोर्ट

उत्तराखंड में खाद्य पदार्थों में मिलावट को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। राज्य में पिछले तीन साल में जांचे गए 4909 खाद्य सैंपलों में से 523 सैंपल फेल पाए गए, यानी लगभग हर नौवां सैंपल अधोमानक निकला

यह जानकारी गुरुवार को विधानसभा में Dhan Singh Rawat, स्वास्थ्य मंत्री, ने दी। 🚨


🧪 विधायक के सवाल पर सामने आए आंकड़े

विधानसभा में यह मामला उस समय उठा जब भाजपा विधायक Brij Bhushan Gairola ने प्रश्नकाल के दौरान राज्य में खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग और मिलावट पर सवाल उठाया

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उन्होंने पूछा कि विभाग में कर्मचारियों की कमी होने के बावजूद मिलावट के खिलाफ कार्रवाई कैसे की जा रही है

मंत्री ने जवाब में बताया कि सरकार खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए लगातार अभियान चला रही है


📊 साल-दर-साल चौंकाने वाले आंकड़े

स्वास्थ्य मंत्री ने सदन में बताया:

  • 2023–24 में कुल 1627 सैंपल जांचे गए, जिनमें से 170 सैंपल मिसब्रांड या असुरक्षित पाए गए।

  • 2024–25 में 1684 सैंपल लिए गए, जिनमें से 159 अधोमानक निकले।

  • मौजूदा वर्ष में अब तक 1598 सैंपलों की जांच हुई, जिनमें 194 अधोमानक पाए गए।

मंत्री के अनुसार इन सभी 523 मामलों में अदालत में वाद दायर कर कार्रवाई की गई है


🏥 देहरादून में शुरू होगी नई फूड टेस्टिंग लैब

मंत्री ने बताया कि खाद्य पदार्थों की जांच को मजबूत करने के लिए Dehradun में एक नई फूड टेस्टिंग लैब तैयार हो चुकी है, जो इसी महीने शुरू होने जा रही है

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इससे राज्य में मिलावट के मामलों की जांच तेज और प्रभावी हो सकेगी


🛒 अब हाट-बाजारों में भी होगी जांच

विधानसभा में भाजपा विधायक Premchand Aggarwal ने कहा कि अक्सर त्योहारी सीजन में ही खाद्य पदार्थों की जांच होती है, जबकि हाट-बाजार और अन्य स्थानों पर जांच कम होती है।

उन्होंने मांग की कि इन जगहों पर भी नियमित सैंपलिंग होनी चाहिए।

इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने घोषणा की कि अब प्रदेश के हाट-बाजारों और मेलों में भी नियमित रूप से खाद्य पदार्थों की जांच कराई जाएगी


👥 विभाग में कर्मचारियों की कमी

मंत्री ने बताया कि विभाग में फूड इंस्पेक्टरों के 28 पद खाली हैं। इन पदों को भरने के लिए प्रस्ताव Uttarakhand Public Service Commission को भेजा गया है।

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इस दौरान विधायक Vinod Chamoli और Munna Singh Chauhan ने सुझाव दिया कि फूड सैंपलिंग की जिम्मेदारी स्थानीय निकायों को भी दी जानी चाहिए

मंत्री ने कहा कि इस प्रस्ताव पर भी परीक्षण किया जा रहा है।


⭐ खबर की मुख्य बातें (Highlights)

✨ उत्तराखंड में तीन साल में 4909 खाद्य सैंपलों की जांच
523 सैंपल फेल, यानी लगभग हर 9 में से 1 अधोमानक
✨ सभी मामलों में अदालत में वाद दायर कर कार्रवाई
देहरादून में नई फूड टेस्टिंग लैब जल्द शुरू होगी
✨ अब हाट-बाजार और मेलों में भी नियमित सैंपलिंग अभियान

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