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उप कारागार हल्द्वानी में बंद बनभूलपुरा हिंसा के 13 आरोपियों को सितारगंज सेंट्रल जेल शिफ्ट कर दिया गया है। कैदियों व बंदियों से ओवरलोड जेल को उपद्रवियों से खतरा बताया गया था। सहायक महानिरीक्षक कारागार ने उपद्रव के आरोपियों को शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं।

बीती आठ फरवरी हुई बनभूलपुरा हिंसा में कुल 107 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। हिंसा की घटना उस वक्त हुई जब नगर निगम की टीम प्रशासन व पुलिस की सुरक्षा में बनभूलपुरा स्थित मलिक का बगीचा में अवैध अतिक्रमण ढहाने गई थी। उपद्रवियों ने पुलिस, प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों व कर्मियों पर पथराव किया, आगजनी और गोलीबारी करते हुए बनभूलपुरा थाने को आग लगा दी थी।

हिंसा में पांच लोगों की मौत हुई और कर्फ्यू लगाना पड़ा। हिंसा के इस मामले का मास्टर माइंड पुलिस ने अब्दुल मलिक को ठहराया। अब्दुल मलिक अपने बेटे अब्दुल मोईद और पत्नी साफिया के साथ जिला कारागार नैनीताल में बंद हैं। जबकि हिंसा के मामले में गिरफ्तार किए गए अन्य लोगों को उप कारागार हल्द्वानी में बंद किया गया।

इधर, उप कारागार में उपद्रवियों की संख्या बढ़ने व जेल की सुरक्षा को खतरा होने की आशंका को देखते हुए एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा ने बंदियों को शिफ्ट करने के लिए पत्र भेजा था। कारागार के सहायक महानिरीक्षक यशवंत सिंह ने 13 बंदियों को शिफ्ट करने के आदेश दिए। हल्द्वानी उप कारागार के अधीक्षक प्रमोद कुमार पांडेय ने बताया कि 13 उपद्रवियों को शिफ्ट कर दिया गया है।

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