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ससुरालियों से तंग एक महिला को हीरानगर पुलिस ने इस कदर परेशान किया कि उसने जान देने का मन बना लिया। वह फरियाद लेकर सीओ के पास पहुंची और हीरानगर चौकी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उसने यह भी कहा कि यदि उसे सही न्याय नहीं मिला तो वह जान दे देगी। 

सीओ नितिन लोहनी को शिकायती पत्र सौंपते हुए हीरानगर निवासी नेहा खंडेलवाल ने कहा, ससुरालियों ने दहेज को लेकर कई बार उसके साथ मारपीट की। वह 20 अप्रैल से पुलिस के चक्कर काट रही है, लेकिन पुलिस मुकदमा दर्ज नहीं कर रही। 11 जुलाई को उसके साथ दोबारा मारपीट की और कमरे में बंद कर दिया गया।

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नेहा के भाई ने एसएसपी को फोन किया। एसएसपी ने सीओ को निर्देशित किया। सीओ के कहने पर पहुंची हीरानगर पुलिस ने नेहा को कमरे से आजाद कराया, लेकिन जांच अधिकारी ने उल्टा नेहा को गलत ठहरा दिया। आरोप लगाया कि हीरानगर पुलिस ने जांच रिपोर्ट बदली और बदले में ससुरालियों से पैसे लिए।

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जांच रिपोर्ट में न ही नेहा के बयान लिए और न ही मायके वालों के। उल्टा जांच अधिकारी ने नेहा को डराया-धमकाया। विरोध करने पर मायके वालों को फंसाने की धमकी दी। नेहा का कहना है कि पुलिस ने उसके साथ मरने के सिवा कोई रास्ता नहीं छोड़ा है। सीओ नितिन लोहनी ने बताया कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। जांच के आदेश दिए हैं और किसी के साथ भी अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।

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