ADVERTISEMENTS Ad
खबर शेयर करें -

किच्छा। किच्छा और सिरौलीकलां नगर पालिका चुनाव की मतगणना से पहले पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के बयान ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। बुधवार को किच्छा पहुंचे रावत ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मतगणना के दौरान पूरी तरह सतर्क रहने और अपने वोट की रक्षा करने की अपील की। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं से ‘लाठी लेकर आने’ की बात भी कही।

रावत ने कहा कि जनता अपना फैसला दे चुकी है और अब कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि उस फैसले के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ न हो। उन्होंने कार्यकर्ताओं को मतगणना केंद्र पर मुस्तैद रहने और किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में सतर्क रहने का संदेश दिया।

यह भी पढ़ें -  🌏 उत्तराखंड में देर रात भूकंप के झटकों से हिली धरती, 4.4 तीव्रता की सूचना; इलाकों में मची हलचल

22 सितंबर को हुआ था मतदान

किच्छा और सिरौलीकलां नगर पालिका चुनाव के लिए 22 सितंबर को मतदान हुआ था। मतदान के बाद मतगणना और परिणाम को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। मामला पहले नैनीताल हाई कोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद अब दोनों नगर पालिकाओं में मतगणना का रास्ता साफ हुआ है। जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से 7 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से मतगणना कराने का कार्यक्रम जारी किया गया।

यह भी पढ़ें -  लालकुआं में स्वरोजगार योजनाओं को लेकर जागरूकता कार्यक्रम, आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़े कदम

‘जीत की चोरी नहीं होने देंगे’—रावत

कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए हरीश रावत ने कहा कि चुनाव में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मतपेटियों से जुड़े विवाद के दौरान अपने वोट की सुरक्षा के लिए संघर्ष किया है। उन्होंने कहा कि जनता का निर्णय सामने आ चुका है और मतगणना के दौरान उस निर्णय की रक्षा करना कार्यकर्ताओं का दायित्व है।

रावत के ‘लाठी लेकर आने’ वाले बयान के बाद मतगणना से पहले राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। हालांकि उन्होंने इसे कार्यकर्ताओं के सतर्क और मुस्तैद रहने के संदर्भ में कहा।

यह भी पढ़ें -  उत्तराखंड में कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला, ‘पर्वतीय विकास भत्ता’ का नाम बदला; अब मैदानी-पहाड़ी सभी कार्मिकों को मिलेगा लाभ

सुरक्षा व्यवस्था पर प्रशासन की नजर

मतगणना को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। किच्छा और सिरौलीकलां में मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ निगरानी बढ़ा दी गई है।

अब करीब दो सप्ताह से अधिक समय से लंबित चुनाव परिणाम पर सभी की नजरें टिकी हैं। मतगणना पूरी होने के बाद ही साफ होगा कि किच्छा और सिरौलीकलां की नगर पालिका में जनता ने किसके पक्ष में अपना जनादेश दिया है।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad