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(नैनीताल)।

जनपद के गौलापार स्थित मानपुर गांव (चोरगलिया थाना क्षेत्र) में मंगलवार शाम एक भयानक और हृदयविदारक हादसा हो गया। यहाँ एक निर्माणाधीन भूमिगत पानी के टैंक (वाटर टैंक) की शटरिंग खोलते समय जहरीली गैस की चपेट में आने और ऑक्सीजन की कमी से एक ही परिवार के तीन लोगों—मां और उनके दो बेटों—की दम घुटने से दर्दनाक मौत हो गई।

​एक-दूसरे को बचाने के प्रयास में तीनों बारी-बारी से टैंक के अंदर उतरे और हादसे का शिकार हो गए। इस घटना से पूरे क्षेत्र में मातम पसर गया है।

घटना के मुख्य बिंदु:

  • स्थान: मानपुर गांव, गौलापार (हल्द्वानी, नैनीताल)।
  • मृतक: धर्मेंद्र सिंह बिष्ट (46 वर्ष), खुशाल सिंह बिष्ट (40 वर्ष) और उनकी मां सरस्वती देवी (65 वर्ष)।
  • वजह: अंडरग्राउंड टैंक में जमा जहरीली गैस और ऑक्सीजन की भारी कमी।
  • बचाव कार्य: ग्रामीणों ने सूझबूझ दिखाते हुए टैंक की छत तोड़कर तीनों को बाहर निकाला, लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

 

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एक-दूसरे को बचाने में गई तीनों की जान

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, मानपुर निवासी धर्मेंद्र सिंह बिष्ट ने अपने घर के पास पानी का एक अंडरग्राउंड टैंक बनवाया था। मंगलवार शाम करीब 5:30 बजे टैंक की शटरिंग (ढोला) खोलने के लिए धर्मेंद्र सीढ़ी लगाकर नीचे उतरे। काफी देर तक जब वे बाहर नहीं आए, तो उन्हें देखने छोटा भाई खुशाल सिंह भी नीचे उतरा और जहरीली गैस की वजह से अचेत हो गया।

​दोनों बेटों की कोई आवाज न आने पर अनहोनी से घबराई 65 वर्षीय मां सरस्वती देवी भी नीचे उतर गईं और वे भी बेहोश हो गईं।

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ग्रामीण की बाल-बाल बची जान, छत तोड़कर निकाला बाहर

​चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों में से एक व्यक्ति (भोजराम) उन्हें बचाने के लिए टैंक में उतरा, लेकिन गैस का असर होते ही ग्रामीणों ने सूझबूझ दिखाते हुए उसे समय रहते तुरंत बाहर खींच लिया, जिससे उसकी जान बच गई। इसके बाद ग्रामीणों ने हथौड़ों से टैंक की छत का एक हिस्सा तोड़कर अंदर जमा जहरीली गैस को बाहर निकाला और तीनों को बाहर खींचकर निकाला।

​तीनों को तुरंत डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल, हल्द्वानी ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

ग्रामीणों ने बताया कि मृतक भाइयों के पिता भीम सिंह की भी कुछ समय पूर्व एक सड़क हादसे में मृत्यु हो चुकी थी। अब परिवार में मां और दोनों बेटों की एक साथ मौत से पूरा परिवार उजड़ गया है।

 

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प्रशासनिक जांच व पुलिस की कार्रवाई

​घटना की सूचना मिलते ही एसपी सिटी मनोज कत्याल और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने बताया कि लंबे समय से बंद पड़े भूमिगत टैंक में जहरीली गैस बनने या ऑक्सीजन की भारी कमी के कारण यह हादसा हुआ है। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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