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उत्तरकाशी: मोरी विकासखंड के दूरस्थ सावणी गांव में बीती रविवार अग्निकांड में 9 घर जलकर राख हो गए थे. घटना से गांव के 21 परिवार बेघर हो गए हैं. प्रभावितों ने सरकारी विद्यालय और अन्य ग्रामीणों के घरों में शरण ली है. वहीं घटना में एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई. वहीं चार मवेशियों की भी आग से झुलसने से मौत हो गई.

जानकारी के अनुसार रविवार रात सावणी गांव के एक घर में जला हुआ दीपक गिरने के कारण लकड़ी के भवन ने आग पकड़ ली. आग इतनी तेजी से फैली की देखते ही देखते ही आसपास के अन्य लकड़ी के भवनों ने भी आग पकड़ ली. आग इतनी तेजी से फैली कि इसकी चपेट में 9 भवन आ गए. वहीं आग फैलते ही घरों से अंदर से लोगों ने भागकर जान बचाई. ग्रामीणों ने आग बुझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली. सूचना पर मौके पर पहुंची तहसील प्रशासन की टीम, पुलिस, फायर ब्रिगेड, एसडीआरएफ और वन विभाग की टीम ने करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के आग पर काबू पाया.

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इसके लिए तीन भवनों को तोड़ना पड़ा तो वहीं दो को आंशिक तौर पर तोड़ा गया. जिससे आग अन्य घरों में ना फैल पाए. घटना के दिन ग्रामीणों ने बताया कि गांव की एक बुजुर्ग महिला लापता है, एसडीआरएफ के चलाए अभियान के दौरान महिला ब्रहा देवी (75) पत्नी नेगी सिंह का शव घर में मिला. पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. वहीं मौके पर पहुंचे एसडीएम गोपाल सिंह चौहान ने बताया कि 9 भवन जले हैं, जिसमें 21 परिवार निवास करते थे. वहीं एक महिला के साथ चार मवेशियों की मौत हुई है.

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आपदा प्रबंधन नियमों के अनुसार पीड़ितों को पहले पांच हजार के चेक की सहायता दी गई है. वहीं प्रभावितों के रहने के लिए टेंट, भोजन और अन्य व्यवस्थाएं सरकारी विद्यालय में की गई है. वहीं नुकसान का आकलन किया जा रहा है.

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