खबर शेयर करें -

​बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिए जाने की दशकों पुरानी मांग को लेकर एक बार फिर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इस बहुप्रतीक्षित मुद्दे पर कांग्रेस ने प्रदेश की पुष्कर सिंह धामी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सीधा हमला बोला है।

​वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोहन कुड़ाई ने राज्य सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार बिंदुखत्ता की जनता को वर्षों से राजस्व गांव के नाम पर केवल “आश्वासन का लॉलीपॉप” थमाती आ रही है। उन्होंने दो-टूक सवाल उठाया कि जब केंद्र और राज्य दोनों जगह ‘डबल इंजन’ की सरकार कार्यरत है, तो बिंदुखत्ता की मेहनतकश जनता को उसका जायज एवं विधिक अधिकार देने में इतनी लेटलतीफी क्यों की जा रही है?

यह भी पढ़ें -  ऋषिकेश में ‘किंग ऑफ उत्तराखंड’ गैंग पर पुलिस का शिकंजा, गैंगस्टर एक्ट में तीन गिरफ्तार

प्रशासनिक स्तर पर अटकी फाइल पर श्वेत पत्र जारी करे सरकार

​मोहन कुड़ाई ने सरकार की कार्यप्रणाली को आड़े हाथों लेते हुए कहा:

“बिंदुखत्ता की जनता अब केवल खोखले आश्वासनों और चुनावी बयानों से संतुष्ट होने वाली नहीं है। धामी सरकार को यह स्पष्ट करना होगा कि आखिर राजस्व गांव के गठन से संबंधित पत्रावली (फाइल) किस प्रशासनिक स्तर पर अटकी है? वर्षों से संघर्षरत जनता को अपने बुनियादी भूमि अधिकारों के लिए आखिर कब तक इंतजार करना पड़ेगा?”

 

यह भी पढ़ें -  आरक्षण के मुद्दे पर दिल्ली से लखनऊ तक प्रदर्शन, कनॉट प्लेस में जुटी भीड़; मायावती ने आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग को बताया अनुचित

अधिसूचना जारी करने की उठाई मांग

​वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि बिंदुखत्ता के बाशिंदों ने पीढ़ियों के कठिन परिश्रम से इस क्षेत्र को आबाद किया है। यह क्षेत्र पर्वतीय प्रवासियों, पूर्व सैनिकों, श्रमिकों और आपदा प्रभावित परिवारों का घर है। जनता अपने विधिक भूमि स्वामित्व के लिए निरंतर शांतिपूर्ण व लोकतांत्रिक संघर्ष कर रही है, परंतु शासन-प्रशासन की चुप्पी कई गंभीर सवाल खड़े करती है।

यह भी पढ़ें -  ओखलकांडा में हैवानियत: पति ने पीट-पीटकर पत्नी को उतारा मौत के घाट, 4 मासूम अनाथ

​उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा कि अब समय बयानबाजी से आगे बढ़कर ठोस निर्णय लेने का है। सरकार तत्काल प्रभाव से बिंदुखत्ता को राजस्व गांव घोषित करने की आधिकारिक अधिसूचना (Gazette Notification) जारी करे, जिससे क्षेत्रवासियों को भूमि पर मालिकाना हक और राजस्व व्यवस्था का पूर्ण लाभ मिल सके।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad