आरक्षण के मुद्दे पर दिल्ली से लखनऊ तक प्रदर्शन, कनॉट प्लेस में जुटी भीड़; मायावती ने आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग को बताया अनुचित
यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 और रोस्टर सिस्टम के खिलाफ भी विरोध; दिल्ली पुलिस ने बिना अनुमति प्रदर्शन को अवैध बताते हुए कई लोगों को हिरासत में लिया
नई दिल्ली/लखनऊ। आरक्षण नीति को लेकर विरोध प्रदर्शन अब दिल्ली से उत्तर प्रदेश तक पहुंचता दिखाई दे रहा है। रविवार को दिल्ली के कनॉट प्लेस में बड़ी संख्या में लोग जुटे और आरक्षण व्यवस्था, ‘यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026’ तथा रोस्टर सिस्टम के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने सख्ती बरती और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
उधर, लखनऊ में भी आरक्षण के मुद्दे पर प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनों के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और अलग-अलग दल इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर रहे हैं।
🚨 कनॉट प्लेस में रात तक जुटे रहे प्रदर्शनकारी
रविवार को दिल्ली के व्यस्त कनॉट प्लेस के आउटर सर्कल में सैकड़ों लोग एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें आरक्षण नीति में बदलाव, यूजीसी के नए इक्विटी रेगुलेशन और रोस्टर सिस्टम से जुड़ी बताई गईं।
प्रदर्शन बढ़ने पर पुलिस ने मौके पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। पुलिस ने प्रदर्शन को बिना अनुमति आयोजित कार्यक्रम बताते हुए कई लोगों को हिरासत में लिया और उन्हें प्रदर्शन स्थल से दूर ले जाकर छोड़ दिया।
👮 दिल्ली पुलिस ने कहा- प्रदर्शन की अनुमति नहीं
दिल्ली पुलिस की ओर से पहले ही स्पष्ट किया गया था कि शाह ऑडिटोरियम और कनॉट प्लेस जैसे सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है।
इसके बावजूद भीड़ जुटने के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां एकत्र होने से रोका। रविवार को जंतर-मंतर पहुंचने वाले युवाओं के समूह को भी पुलिस ने एक जगह इकट्ठा नहीं होने दिया।
प्रदर्शन को देखते हुए कनॉट प्लेस समेत आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई।
📢 आरक्षण के साथ यूजीसी नियम और रोस्टर सिस्टम भी निशाने पर
प्रदर्शनकारियों ने केवल आरक्षण व्यवस्था को लेकर ही विरोध नहीं जताया, बल्कि यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 और रोस्टर सिस्टम के खिलाफ भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर भी बहस तेज होने लगी है। प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर सरकार और संबंधित संस्थानों का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं।
🏛️ लखनऊ में भी प्रदर्शन, सियासत गरमाई
दिल्ली के साथ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी आरक्षण के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनों के बाद राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं।
इसी क्रम में बसपा सुप्रीमो मायावती ने आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
मायावती बोलीं- आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग उचित नहीं
मायावती ने रविवार को अपने एक्स अकाउंट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर आरक्षण के विरोध में प्रदर्शन करने वालों की ओर से आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की नई मांग उचित नहीं है।
उन्होंने इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर भी निशाना साधा। मायावती की प्रतिक्रिया के बाद आरक्षण को लेकर चल रही बहस में राजनीतिक रंग और गहरा हो गया है।
📰 अग्रसर भारत | मुद्दे की सीधी तस्वीर
आरक्षण को लेकर दिल्ली और लखनऊ में सामने आए प्रदर्शन ने एक बार फिर सामाजिक न्याय, समान अवसर और आरक्षण की मौजूदा व्यवस्था पर बहस तेज कर दी है। फिलहाल प्रदर्शनकारियों की मांगों और राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाओं के बीच यह मुद्दा आगे किस दिशा में जाता है, इस पर नजर बनी हुई है।


