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हाल ही में एक आपराधिक मामले में मध्य प्रदेश के बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिग्राम की गिरफ्तारी हुई थी. इसके बाद उन्हें जमानत भी मिल गई.

धीरेंद्र शास्त्री के दरबार में कांग्रेस और बीजेपी, दोनों ही दलों के नेता हाजिरी लगाते रहे हैं. मध्य प्रदेश में इसी साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं और इसी बीच सोशल मीडिया पर एक कथित न्यूज रिपोर्ट की कटिंग वायरल हो रही है जिसे शेयर करते हुए कुछ लोग ऐसा कह रहे हैं कि धीरेंद्र शास्त्री कांग्रेस के समर्थन में एक यात्रा निकालने वाले हैं.

 

इस कथित न्यूज रिपोर्ट की हेडलाइन में लिखा है, “कांग्रेस के समर्थन में धीरेंद्र शास्त्री म.प्र. में करेंगे 121 किमी की पैदल यात्रा.”

इसके नीचे में लिखा है, “कई दिनों से प्रयासरत थे कमलनाथ…मुलाकात भी की थी.”

खबर में लिखा है, “मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री भी अहम भूमिका निभाएंगे. हाल ही में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ की लगभग आधे घंटे तक बंद कमरे में चर्चा हुई थी. धीरेंद्र शास्त्री 121 किलोमीटर की पैदल यात्रा पर निकलेंगे. वे लोगों को आपस में जुड़ने का संदेश भी देंगे.”

आगे लिखा है, “कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने पिछले दिनों बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री से मुलाकात कर समर्थन के बारे में चर्चा की थी. इसकी भनक लगते ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, गृहमंत्री नरोत्तम मिश्र, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा भी बागेश्वर धाम पहुंचे थे, लेकिन धीरेंद्र शास्त्री कांग्रेस को आश्वस्त कर चुके थे.”

एक फेसबुक यूजर ने इस कथित खबर की कटिंग को शेयर करते हुए लिखा, “कांग्रेस के समर्थन में धीरेंद्र शास्त्री मध्य प्रदेश में करेंगे 121 किलोमीटर की पैदल यात्रा

‘Times Now नवभारत’ ने भी 2 मार्च, 2023 को इस 121 किलोमीटर लंबी पदयात्रा पर एक विस्तृत रिपोर्ट की थी. हालांकि इस रिपोर्ट में यात्रा को कांग्रेस के समर्थन में नहीं बताया है. इंडिया टुडे फैक्ट चेक ने पाया कि धीरेंद्र शास्त्री न तो कोई पदयात्रा निकालने जा रहे हैं और न ही उन्होंने कांग्रेस के समर्थन का ऐसा कोई ऐलान किया है.

कैसे पता लगाई सच्चाई?

हमने बागेश्वर धाम के पीआरओ कमल अवस्थी से इस बारे में पूछा. उन्होंने इस बात को अफवाह बताया कि फिलहाल ऐसी किसी पदयात्रा योजना नहीं है. उन्होंने कहा, “कुछ मीडिया वाले अपनी टीआरपी और रीच बढ़ाने के लिए बाबा के बारे में बेबुनियाद खबरें चलाते हैं.”  आगे इस बात की पुष्टि की कि कमलनाथ धीरेंद्र शास्त्री के एक कार्यक्रम में उनसे मिलने जरूर आए थे, लेकिन दोनों के बीच न तो कोई राजनीतिक बात हुई और न ही ऐसी किसी पदयात्रा के बारे में बात हुई.

‘बागेश्वर धाम सरकार’ के ऑफिशयल ट्विटर अकाउंट से भी इस कथित खबर का खंडन किया गया है.

ट्वीट में लिखा है, “यह खबर पूर्णतः ग़लत और भ्रामक है…

 

पूज्य गुरुदेव बागेश्वर धाम सरकार ना किसी राजनीतिक पार्टी के पक्ष में हैं और ना रहेंगे.. गुरुदेव भगवान की सिर्फ एक ही पार्टी है “हनुमान जी की पार्टी” जिसका झंडा है “भगवा ध्वज”….ये ख़बर बागेश्वर धाम को बदनाम करने की साजिश है…”

हमने मध्य प्रदेश कांग्रेस के वाइस प्रेसीडेंट अभय कुमार दुबे से बात की.

अभय ने कहा, “कमलनाथ जी धार्मिक आस्थाओं को राजनीतिक संदर्भों से दूर रखते हैं. बागेश्वर धाम में धीरेंद्र शास्त्री से उनकी मुलाकात निजी आस्थाओं से जुड़ी हुई थी. कमलनाथ बालाजी/हनुमान जी के भक्त हैं, इसलिए वो वहां गए थे.”

अभय के मुताबिक, “कांग्रेस साधु-संतों को सम्मान करती है. अगर धीरेंद्र शास्त्री कोई धार्मिक यात्रा निकालते है तो कांग्रेस उनका सम्मान करेगी.”

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ 13 फरवरी को धीरेंद्र शास्त्री से मुलाकात करने के लिए  छतरपुर जिले के गढ़ा गांव में स्थित बागेश्वर धाम में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में पहुंचे थे.

राजनीति में चीजें तेजी से बदलती हैं. लेकिन इस रिपोर्ट के लिखे जाने तक सच यही है कि बागेश्वर धाम द्वारा कांग्रेस के समर्थन में किसी भी प्रकार की पदयात्रा निकाले जाने की खबर बेबुनियाद है.

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