
हल्दूचौड़। मां वैष्णो बैंक्वेट हॉल में मंगलवार, 27 अक्टूबर को कुमाऊं दिवस एवं पैदल सेना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। पूर्व सैनिकों की ओर से आयोजित कार्यक्रम में कुमाऊं की वीरभूमि के गौरवशाली इतिहास, भारतीय सेना के शौर्य और राष्ट्र की रक्षा में सैनिकों के योगदान को याद किया गया। कार्यक्रम में पूर्व सैनिकों और वीर नारियों को सम्मानित कर उनके त्याग, समर्पण और बलिदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मेजर जनरल इंदर सिंह बोरा रहे, जबकि अध्यक्षता पूर्व सैनिक एवं लालकुआं नगर पंचायत अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह लोटनी ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कुमाऊं के गौरवशाली इतिहास और कुमाऊं रेजिमेंट की वीरता का उल्लेख करते हुए कहा कि इस क्षेत्र के वीर सैनिकों ने अपने साहस, अनुशासन और सर्वोच्च बलिदान से देश का मान बढ़ाया है। राष्ट्र की सीमाओं की सुरक्षा में भारतीय सेना के जवानों का योगदान हमेशा प्रेरणादायी रहेगा।
कार्यक्रम के दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह लोटनी ने पूर्व सैनिकों के साथ वीर नारियों को सम्मानित किया। वक्ताओं ने वीर नारियों के त्याग, धैर्य और समर्पण को नमन करते हुए कहा कि देश की रक्षा में अपने प्रियजनों का योगदान देने वाले सैनिक परिवार भी सम्मान और कृतज्ञता के उतने ही हकदार हैं।
इस दौरान 16 कुमाऊं के ऑनरेरी कैप्टन राजेंद्र जलाल को पांच राष्ट्रपतियों से सम्मान प्राप्त होने के उपलक्ष्य में विशेष रूप से सम्मानित किया गया। उपस्थित लोगों ने उनकी उपलब्धियों और राष्ट्रसेवा में योगदान की सराहना की।
वक्ताओं ने कहा कि कुमाऊं की धरती शौर्य, बलिदान और राष्ट्रभक्ति की समृद्ध परंपरा के लिए जानी जाती है। पूर्व सैनिकों और वीर नारियों का सम्मान करना उनके त्याग के प्रति आभार जताने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने नई पीढ़ी से सैनिकों के अनुशासन, समर्पण और देशभक्ति से प्रेरणा लेकर इस गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के माध्यम से पूर्व सैनिकों ने आपसी एकता, भाईचारे और राष्ट्रसेवा की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया। आयोजन में पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने सहभागिता कर कुमाऊं दिवस एवं पैदल सेना दिवस समारोह को गरिमामय बनाया।



