
लालकुआं में पूर्व मुख्यमंत्री ने आंदोलनकारियों को दिया भरोसा, अंकिता भंडारी हत्याकांड और उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी को लेकर धामी सरकार पर साधा निशाना
लालकुआं, नैनीताल। बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन को मंगलवार को उस समय समर्थन मिला, जब पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत शहीद स्मारक पहुंचे। यहां उन्होंने अनशन कर रहे आंदोलनकारियों को जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया और भरोसा दिलाया कि बिंदुखत्ता को एक दिन राजस्व गांव का दर्जा अवश्य मिलेगा।
हरीश रावत ने आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए कहा, “एक दिन बिंदुखत्ता राजस्व गांव होगा, होगा, होगा। मेरे और हरिश्चंद्र दुर्गापाल के जिंदा रहते यह होकर रहेगा।” उन्होंने भाजपा समर्थकों से भी बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने की मांग पर गंभीरता से विचार करने की अपील की। उनके इस बयान से क्षेत्र में लंबे समय से चले आ रहे राजस्व गांव के आंदोलन को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।
अंकिता भंडारी प्रकरण पर धामी सरकार से पूछे सवाल
पत्रकारों से बातचीत के दौरान हरीश रावत ने अंकिता भंडारी हत्याकांड और अभिनेत्री उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी उत्तराखंड की अस्मिता, स्वाभिमान और गौरव का प्रतीक हैं। यह संघर्ष केवल एक बेटी को न्याय दिलाने का नहीं, बल्कि प्रदेश की सभी बेटियों और महिलाओं के सम्मान एवं सुरक्षा से भी जुड़ा है।
उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी की भूमिका से जुड़े सवालों का जवाब सामने लाने और मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की। उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी को लेकर सरकार पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, “जब-जब धामी सरकार डरती है, पुलिस को आगे करती है।”
वहीं, हरिद्वार पुलिस ने 27 अक्टूबर को स्पष्ट किया कि उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी एक अलग प्राथमिकी में कानूनी प्रक्रिया के तहत हुई है। पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई का अंकिता भंडारी मामले में प्रस्तावित नार्को टेस्ट से संबंध नहीं है।
बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने की मांग दोहराई
हरीश रावत ने बिंदुखत्ता के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग का समर्थन करते हुए अपने पुराने बयान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले भी एक नहीं, बल्कि 100 बिंदुखत्ता बसाए जाने की बात कही थी। उनके अनुसार, उस बयान के बाद उनके कुछ साथियों ने उन्हें नक्सली तक घोषित कर दिया था।
उन्होंने कहा कि बिंदुखत्ता के निवासियों को उनका अधिकार मिलना चाहिए और राजस्व गांव का दर्जा देने की मांग को गंभीरता से पूरा किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम में इंडिया गठबंधन के नेता रहे मौजूद
शहीद स्मारक में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कुंदन मेहता, नंदन दुर्गापाल, हरेंद्र बोरा, बिना जोशी, राजेंद्र खनवाल और राजेंद्र दुर्गापाल सहित इंडिया गठबंधन के कई नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम में बिंदुखत्ता को राजस्व गांव घोषित करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
अनशन समाप्त कराने के बाद हरीश रावत ने आंदोलनकारियों को आश्वस्त किया कि बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिलाने की मांग लगातार उठाई जाती रहेगी। अब इस मुद्दे पर सरकार और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर क्षेत्रवासियों की नजरें टिकी हैं।



