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बिंदुखत्ता/लालकुआं।

लालकुआं के कार रोड बाजार में आज प्रशासन की नाक के नीचे कानून की धज्जियां उड़ती देखी गईं। एक बिना नंबर प्लेट के ओवरलोड ट्रैक्टर ने बीच बाजार में ऐसा तांडव मचाया कि राहगीरों की जान हलक में आ गई। ओवरलोडिंग के कारण चलते ट्रैक्टर के अगले दोनों टायर हवा में उठ गए, जिससे बाजार में भगदड़ मच गई और यातायात पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया।

ड्राइवर का खुलासा: बिट्टू हीरा पेट्रोल पंप स्वामी का है ट्रैक्टर!

​मौके पर मौजूद लोगों और मीडिया कर्मियों ने जब जान जोखिम में डालने वाले इस ट्रैक्टर को रोका और ड्राइवर से पूछताछ की, तो उसने बेखौफ होकर मालिक का नाम उजागर किया। ड्राइवर के मुताबिक, यह ट्रैक्टर ‘वीरू हीरा’ नाम के किसी पेट्रोल पंप स्वामी का है। ड्राइवर के आत्मविश्वास से साफ झलक रहा था कि उसे न तो पुलिस का डर है और न ही प्रशासन की कार्रवाई का।

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प्रशासन और फिटनेस सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल

​इस घटना ने परिवहन विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। सवाल यह उठता है कि:

  • ​आखिर प्रशासन इन स्क्रैप (कबाड़) हो चुकी ट्रैक्टर-ट्रालियों को सड़क पर चलने की फिटनेस कैसे दे देता है?
  • ​बिना नंबर प्लेट और जर्जर स्थिति के ये वाहन आखिर किसकी ‘शह’ पर आम नागरिकों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं?
  • ​क्या नियम केवल आम जनता के लिए हैं? रसूखदारों के इन ओवरलोड डंपरों और ट्रैक्टरों के सामने विभाग मौन क्यों है?
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गांव वालों को ‘कीड़े-मकोड़े’ समझ रहे ये रसूखदार!

​स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि ओवरलोड वाहनों के मालिकों ने गांव वालों की जान को कीड़े-मकोड़े समझ लिया है। रसूख के दम पर नियम ताक पर रखकर ये कबाड़ वाहन सड़कों पर दौड़ाए जा रहे हैं। आज की घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बिंदुखत्ता और लालकुआं की सड़कें अब सुरक्षित नहीं रह गई हैं।

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अस्त-व्यस्त हुआ कार रोड, जनता में भारी रोष

​ट्रैक्टर के टायर हवा में उठने के कारण बाजार में घंटों तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर ट्रैक्टर पलट जाता, तो कई बेगुनाह लोग इसकी चपेट में आ सकते थे।

अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर लापरवाही पर क्या कार्रवाई करता है या फिर रसूख के दबाव में इस मौत के खेल को यूं ही जारी रहने दिया जाएगा।

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