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रेल विभाग द्वारा लालकुआं रेलवे स्टेशन के मुख्य द्वार के समीप स्थित धर्म कांटे व उससे लगे हुए दो व्यावसायिक भवनों से 5 फीट अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई प्रशासन की अगुवाई में शुरू की गई, व्यापारियों एवं नगर के गणमान्य लोगों की अभियान दल का नेतृत्व कर रही प्रशासनिक टीम से अतिक्रमण हटाने को लेकर तीखी बहस एवं नोक झोंक हुई, 

व्यापारियों एवं नगर के गणमान्य लोगों की अभियान दल का नेतृत्व कर रही प्रशासनिक टीम से अतिक्रमण हटाने को लेकर तीखी बहस एवं नोक झोंक हुई, अंतत: प्रशासन ने अतिक्रमण गिराने की कार्रवाई शुरू कर दी, जिसमें सबसे पहले धर्म कांटा हटाया गया, इसके बाद जैसे ही दोनों भवनों को गिराने की कार्रवाई शुरू हुई तो व्यापारियों ने पुनः विरोध कर दिया, व्यापारियों का कहना था कि जेसीबी के बजाए हाथ से भवन को तोड़ा जाए, क्योंकि इससे पूरा भवन क्षतिग्रस्त हो सकता है,

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इसके बाद रेलवे ने अपने कर्मचारियों से मैन्युअल तोड़ने की कार्रवाई शुरू की तो पुनः व्यापारी मैदान में आ गए, उनका कहना था कि व्यापारी स्वयं मजदूर बुलाकर तोड़ने की कार्रवाई करेंगे, जिसे लेकर दोपहर तक गहमा-गहमी हुई इसके बाद प्रशासन ने अतिक्रमण तोड़ने की कार्रवाई तेज कर दी, दोनों भवनों से निर्धारित 5 फीट भवन तोड़ने के चक्कर में पुलिस प्रशासन और रेलवे विभाग के अधिकारियों के दिन भर पसीने छूट गए, व्यापारियों एवं क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने भी अभियान दल का डटकर मुकाबला किया,

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उनका कहना था कि रेलवे व्यापारियों को नाजायज परेशान करने की नीयत से रेलवे की निर्धारित 5 फीट जगह तोड़कर व्यापारियों का उत्पीड़न कर रही है, जबकि 5 फीट जगह से रेलवे का कोई भला होने वाला नहीं है।